जिला स्तरीय समन्वय समिति के बैठक में जिले के साख जमा अनुपात में सुधार हेतु रणनीति पर चर्चा


जहानाबाद
समाहरणालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं विशेष की मार्च 2025 तिमाही की संयुक्त समीक्षात्मक बैठक उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संयोजन अग्रणी जिला प्रबंधक श्री रवींद्र कुमार सिंहा द्वारा किया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता विभागीय जांच श्री विनय कुमार सिंह,वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) सुश्री नेहा कुमारी , अग्रणी जिला अधिकारी (RBI) श्री सूर्यांश कुमार, जिला विकास प्रबंधक (NABARD) श्री रजनीकांत सिंह, आरसेटी निदेशक श्री नागेश्वर, एवं जिला उद्योग महाप्रबंधक सुश्री पूजा कुमारी सहित विभिन्न बैंकों के 20 समन्वयक अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में जिले के साख जमा अनुपात (CD Ratio), जो वर्तमान में 45.47% है, पर चिंता व्यक्त की गई। उप विकास आयुक्त द्वारा जिले के बैंकों एवं संबंधित विभागों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से इसे 50% या उससे अधिक करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि जहानाबाद एक कृषि प्रधान जिला है, अतः अच्छे ऋण निष्पादन वाले कृषकों को आवश्यकता अनुसार ऋण सीमा बढ़ाकर उन्हें सहयोग प्रदान किया जाना चाहिए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि:
PMEGP योजना के तहत 65 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित है,
PMEGP 2 तथा PMFME योजना के तहत 142 यूनिट्स का लक्ष्य है।
जिला विकास प्रबंधक (NABARD) द्वारा जिले के वार्षिक संभाव्य ऋण योजना (PLP) की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिले के प्राथमिक क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) का लक्ष्य ₹3013 करोड़ निर्धारित है। यदि यह लक्ष्य पूर्णतः प्राप्त कर लिया जाए, तो जिले का साख जमा अनुपात सहजता से 50% से अधिक पहुँच सकता है।
आरसेटी निदेशक ने अपने संस्थान द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों एवं प्रशिक्षणों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार युवाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
बैठक के अंत में अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा अध्यक्ष की अनुमति से सभी उपस्थित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक को समाप्त किया गया।