एक निजी संस्थान में व्यवसायी संघ के संरक्षक ने हरी झंडी दिखाकर विद्यार्थियों से भरी बस को अरवल से रवाना किया


अरवल
शैक्षिक भ्रमण का शिक्षा के क्षेत्र में, अपना विशेष महत्व है। शैक्षिक भ्रमण से हम प्रकृति की सुन्दरता से रु-ब-रु होते हैं। मानव सुंदर कलाकृतियों से परिचित होकर इतिहास को पूर्ण रूप से जानते हैं,जिससे ज्ञान की वृद्धि होती है। गर्मियों के सत्र में अक्सर लोगों का भ्रमण करने का जो स्वरूप होता है,वो स्थल वाटरफॉल के लिए अधिकांशतः होता है,अपना बिहार में जलप्रपात की बात करें,तो सर्वप्रथम नाम जो आता है वो काकोलत जलप्रपात है,अगर सावन के महीने को धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाये,बरसात के मौसम में बिहार राज्य के सासाराम और कैमूर क्षेत्र के सभी वाटरफॉल होते हैं,जो विहगम होते हैं,यहाँ सैलानियों का भ्रमण पर काफ़ी भीड़ देखी जाती है,इधर एक निजी संस्थान के ग्रेवीटी टूटोरियल्स कोचिंग संस्थान से,अरवल चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के संरक्षक सह मिडिया प्रभारी अंगद कुमार के हाथों छात्रों से भरी बस को हरी झंडी दिखाकर सासाराम शहर के लिए परिभ्रमण के लिए रवाना किया, इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को दो टूक में यह कहा की शैक्षिक भ्रमण को हम परोक्ष नहीं बल्कि प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं,जिससे ज्ञान स्थायी होते हैं,साथ ही रसानुभूति की प्राप्ति होती है और नयन सुख की प्राप्ति होती है। यह मनोरंजन के माध्यम से सीखना शिक्षा का सबसे अच्छा माध्यम है। छात्रों को नियमित शैक्षिक भ्रमण पर ले जाने से,जहाँ पर छात्र खुले वातावरण में शिक्षा को अपने व्यक्तिगत अनुभवों से परिभाषित करते हैं। इस अवसर पर ग्रेवीटी टुटोरियल्स संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर इंजीनियर संजीव कुमार सोनी,सह-प्रबंधक कमल नयन कुमार,शिक्षक जितेश कुमार,रंधीर कुमार,रवि कुमार, मनोज कुमार,रौशन कुमार एवं इनके साथ अनेक छात्र मौक़े पर उपस्थित थें।