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डा एकता की कलम से —–





*हमारे संबंधों का फैसला आसान नहीं था ।*

*तुझसे दूर जाना दर्द को जिंदगी बनाना आसान नहीं था।*

*कब हमारा मन परेशान नहीं था?*

*मन में उठता तूफान छुपा था हमारी खामोशी के आगे*
*अब कहता है की कहर का निशान नहीं था*

*ख्वाब बुने सपने सजाए सात जन्मों के साथ को*
*अब कहता है हमें प्यार नहीं था।*
*छूट गया वह रिश्ता, लुट गई हमारी दुनिया।*

*हमारी नजरों के सामने और कहता है, हमारा कोई नुकसान नहीं हुआ

*हमारा हाथ छोड़ गया सारे, सपने तोड़ गया।*
*करता है हमरा  दिल परेशान नहीं।*

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