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डॉ एकता की कलम से ——





*राम राम बस का गाते हो*
*कभी राम बन सकोगे क्या?*
*राम सा बनवास सह सकोगे क्या ?*
*परिस्थिति चाहे जो भी हो मर्यादा में रह सकोगे क्या?*

*बस त्याग समर्पण को गले लगा सकोगे*
*क्या अहंकार को जला सकोगे क्या?*
*बस राम राम का गाते हो इतना सा ना कर सकोगे क्या?*
*शबरी का जूठन खा सकोगे, फिर पुरुषोत्तम कहलाओगे*
*अपने काम क्रोध को भीतर रखकर, खुद को शीतल रख सकोगे क्या?*
*जो हर किसी को छाया दे ऐसा पीपल बन सकोगे क्या?*
*शून्य रहकर पता चलेगा कितने अद्भुत थे राम हमारे*
*इतना सम्मान कर सकोगे क्या?*
*राम राज में रहते हैं जहां कण कण में*
*राम बसे हैं जहां पिता का सम्मान देखा*
*भाई का प्यार देखा पत्नी का साथ देखा*
*जो मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं*
*राम राम कह गाते हो क्या?*
    *कभी राम बन सकोगे क्या?*

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