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वन स्टॉप सेंटर, गया जी में आज 12 मामलों की सुनवाई की गई है।




वन स्टॉप सेंटर की सेंटर  में बड़े से बड़े मामले का समाधान भी सुलह समझौता से संभव हो जाता है।- आरती कुमारी

गया जी। गया समाहरणालय परिसर में संचालित वन स्टॉप सेंटर, गया जी में आज 12 मामलों की सुनवाई की गई है। जिसमें 9 मामलें घरेलू हिंसा का तथा 3 मामलें दहेज उत्पीड़न का था।वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न,बाल विवाह, यौन उत्पीडन, छेड़छाड़, डायन कहकर प्रताड़ना, अंतर्जातीय विवाह के कारण प्रताड़ना, मानव व्यापार,कन्या भ्रूण परीक्षण से संबंधित आदि मामलों की सुनवाई वन स्टॉप सेंटर में की जाती है।वन स्टॉप सेंटर में सुनवाई करके तीन मामलों का सुलह समझौता करवाया गया है।वन स्टॉप सेंटर की सेंटर प्रशासक आरती कुमारी का कहना है कि बड़े से बड़े मामले का समाधान भी सुलह समझौता से संभव हो जाता है।और ये तो पारिवारिक मामले होते हैं जो कि काफी नाजुक होते हैं। हमलोगों का प्रयास होता है कि सुलह समझौता के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाये। अगर विषम परिस्थिति में सुलह समझौता संभव नही होता है तो मामले को थाना एवं न्यायालय में भेज दिया जाता है।
आज भी वन स्टॉप सेंटर के सुलह के प्रयास में एक मामला जो कि आवंदिका देवी, गुरारू थाना के अंतर्गत गुररु पंचायत की रहने वाली हैं, उन्होंने आरोप लगाया था कि पति तथा ससुराल वाले प्रताड़ित करके घर से भगा दिये थे।इस मामले में सुनवाई करते हुए सुलह करवा कर मामले का समाधान किया गया। आवेदिका के ग्राम पंचायत गुररु के पंचायत प्रतिनिधि सरपंच महोदय तथा मुखिया जी को भी सुनवाई में बुलाया गया था। वन स्टॉप सेंटर की सेंटर प्रशासक आरती कुमारी के द्वारा पंचायत प्रतिनिधि को मामले का फॉलो-अप करने को बोला गया है।वन स्टॉप सेंटर के द्वारा भी सभी निष्पादित मामलों का फॉलो-अप जारी रहेगा।केंद्र प्रशासक आरती कुमारी का कहना है कि टीम में शामिल केस वर्कर अर्चना सिन्हा, परामर्शी शगुफ्ता प्रवीण, सामाजिक कार्यकर्ता कुमारी चंद्रमणि संगीता, सामाजिक कार्यकर्ता अभिरुचि, कार्यालय सहायक अमित कुमार,जी.एन.एम रीता कुमारी, महिला गार्ड आशा कुमारी,सपना कुमारी जिला प्रशासन गया जी और महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार पटना की ओर से अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

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