समाजसेवी बजरंगी दास के नेतृत्व में निकली ‘अस्पताल सुधार यात्रा’, 4 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में सैकड़ों लोगों की भागीदारी


जहानाबाद
जहानाबाद: स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर समाजसेवी बजरंगी दास के नेतृत्व में ‘अस्पताल सुधार यात्रा’ निकाली गई। यह यात्रा करीब 4 किलोमीटर लंबी थी, जिसमें सैकड़ों स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। यात्रा के माध्यम से लोगों ने सरकारी अस्पतालों की लचर व्यवस्था, भ्रष्टाचार और निजी अस्पतालों की मनमानी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
बजरंगी दास ने कहा कि “आज़ादी के सात दशक बाद भी स्वास्थ्य विभाग में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। आम नागरिक उम्मीद लेकर सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आते हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगती है।” उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में न तो इलाज की समुचित व्यवस्था है और न ही डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति।
जनता की शिकायतों को लेकर उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज से पहले मोबाइल से रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक कर दिया गया है, जबकि हर मरीज के पास मोबाइल उपलब्ध नहीं है। कई बार रजिस्ट्रेशन के बाद भी डॉक्टर मौजूद नहीं होते और यदि होते हैं तो इलाज संतोषजनक नहीं होता। दबाव डालने पर मरीजों को पी.एम.सी.एच. रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में गरीब मरीज निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर होते हैं, जहां भारी भरकम फीस और अव्यवस्थित व्यवस्था से वे ठगा हुआ महसूस करते हैं।
यात्रा के दौरान बजरंगी दास ने जिला प्रशासन और सरकार से 9 प्रमुख मांगें रखीं:
1. मरीजों की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित हो।
2. निजी अस्पतालों में मरीजों पर हो रहे अत्याचार पर रोक लगे।
3. सरकारी अस्पतालों में मोबाइल से रजिस्ट्रेशन की बाध्यता समाप्त हो।
4. ग्रामीण अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
5. दवाओं की कीमतों को नियंत्रित किया जाए।
6. समान्य मरीजों को अनावश्यक रेफर करना बंद किया जाए।
7. सभी जांचों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
8. जहानाबाद के सरकारी अस्पताल में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
9. सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, सीटी स्कैन एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था हो।
इस आंदोलन में संतोष केसरी, वीरेंद्र मांझी, पिंटू कुमार बीटू, वीजनंदन मांझी, चंदन कुमार, लालेंद्र दास, बीरबल दास, अजय राम, रविकांत कुमार, सुनीता कुमारी, रेखा देवी, रंजीती देवी सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
बजरंगी दास ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस यात्रा ने प्रशासन को स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी सच्चाई से रूबरू कराया है।