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राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षा के गुर सीखने दिल्ली भेजे गए, उर्दू मध्य विद्यालय मल्लहचक के प्रधानाध्यापक संजय कुमार


जहानाबाद
नक्सली गतिविधियों के लिए कभी जहानाबाद की चर्चा दूसरे प्रदेशों में बदनामी के तौर पर होती थी लेकिन बदलते परिवेश में अब यहां शिक्षक बेहतर शिक्षा का पाठ राष्ट्रीय स्तर पर पढ़ा रहे हैं। दरअसल जिला मुख्यालय में अवस्थित राजकीयकृत उर्दू मध्य विद्यालय मल्लहचक मोड के प्रधानाध्यापक संजय कुमार को अपने विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने के कारण दिल्ली बुलाया गया है।
      यहां उनके द्वारा देश के कोने-कोने से जुड़े प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को बेहतर विद्यालय संचालन के गुर सिखाए जा रहे हैं। NIEPA के बैनर तले आयोजित NCSL LIVE Streaming कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया है।इस दौरान संजय कुमार ने अपनी बातों को रखते हुए वहां कहा कि काफी पिछड़े हालत में विद्यालय के प्रबंधन में काफी समस्या आई उन समस्याओं को चुनौती के तहत लेते हुए विद्यालय के सभी अन्य सहायक शिक्षकों के सहयोग से अपने कार्यों को जारी रखा परिणाम स्वरुप विद्यालय की उपलब्धि जिला स्तर से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। दरअसल उर्दू मध्य विद्यालय के बच्चे लगातार बेहतर से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। तरंग प्रतियोगिता से लेकर PBL और अन्य प्रतियोगिता में यहां के बच्चों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा है। प्रधानाध्यापक के कुशल नेतृत्व का लाभ बच्चों के साथ-साथ यहां के शिक्षकों को भी मिलता रहा है यहां के शिक्षक TLM मेला में राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर चुके हैं। इस उपलब्धि के लिए श्री संजय कुमार ने अपने बाल संसद,मीना मंच, विद्यालय शिक्षा समिति,सहायक शिक्षक,अभिभावकों,जिला प्रशासन शिक्षा विभाग एवं जहानाबाद के सामाजिक कार्यकर्ताओं को धन्यवाद कहा है। बिहार में सरकारी विद्यालयों की जब बात आती है तो एक बदहाल छवि पेश आती है लेकिन उर्दू मध्य विद्यालय जहानाबाद किसी हाईटेक निजी विद्यालय से तनिक भी काम नहीं है।CCTV कैमरे के माध्यम से प्रत्येक क्लास एवं अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। बाल संसद, मीना मंच जैसी गतिविधियां इस विद्यालय की ओर सभी का ध्यान आकृष्ट करता है। यही कारण है कि जिले में जब भी कोई सरकारी स्तर पर कार्यक्रम होता है और उसमें स्कूली बच्चों की जरूरत पड़ती है तो इस विद्यालय पर जिला प्रशासन की निर्भरता ज्यादा बढ़ जाती है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक जिस तरह दिल्ली में उत्कृष्ट व्यवस्था के नायक के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं वह जिले के लिए गर्व की बात है। इसके कारण विद्यालय परिवार में हर्ष का वातावरण कायम हो गया है।

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