खरीफ 2025-26 : संतुलित उर्वरक उपयोग पर ज़ोर, कालाबाज़ारी पर सख़्ती


जहानाबाद
आज समाहरणालय, जहानाबाद में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में खरीफ 2025-26 के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण, उपयोग एवं कालाबाज़ारी की रोकथाम सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई।
जहानाबाद जिले में खरीफ मौसम के अंतर्गत धान एवं अन्य फसलों की रोपनी/बुआई प्रारंभ हो चुकी है। इस अवसर पर कृषकों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग हेतु वैज्ञानिक अनुशंसाएं दी गईं, ताकि फसल की उत्पादकता बढ़े एवं मिट्टी की उर्वरता बनी रहे।
जिला कृषि पदाधिकारी श्रीमती संभावना द्वारा बताया गया कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा विभिन्न प्रतिष्ठानों के भंडार एवं POS पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।
*कालाबाज़ारी पर कड़ी निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई*
राज्य सरकार द्वारा उर्वरकों के लिए जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है। निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री, टैगिंग के माध्यम से भ्रामक बिक्री या कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज कर अनुज्ञप्ति रद्द की जाएगी।
जिला पदाधिकारी महोदया द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी उर्वरक निरीक्षक प्रत्येक माह कम से कम दो बार औचक निरीक्षण करेंगे। वहीं प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
*उर्वरक नियंत्रण कक्ष की स्थापना*
संयुक्त कृषि भवन, जहानाबाद में उर्वरक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो वितरण, मूल्य दर, गुणवत्ता आदि की निगरानी करेगा। किसानों की शिकायतों का समाधान शीघ्र करने हेतु हेल्पलाइन भी सक्रिय की गई है।
जिला प्रशासन जहानाबाद सभी कृषकों से अपील करता है कि वे अनुशंसित एवं संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें, साथ ही जैविक उर्वरकों को भी अपनाएं ताकि टिकाऊ कृषि सुनिश्चित की जा सके।
