कंसुआ पंचायत के खैरूचक में राजद नेत्री आभा रानी ने किया गांव -गांव चौपाल का आयोजन


जहानाबाद
जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र के कंसुआ पंचायत के खैरू चक गांव में आज “माई-बहिन के साथ गाँव-गाँव चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इस चौपाल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की उन वास्तविक और ज़मीनी समस्याओं को सामने लाना था, जो अक्सर विकास की चमकती रिपोर्टों में छिपा दी जाती हैं। महिलाओं ने खुलकर अपनी बात रखी, किसी ने राशन कार्ड से नाम कटने की पीड़ा साझा की, तो किसी ने बताया कि कई महीनों से अनाज नहीं मिला है। एक महिला ने कहा कि नल जल की सुविधा तो मिली है पर कभी पानी आता है ,कभी नहीं।
एक महिला ने सामुदायिक भवन और स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत का मुद्दा उठाया। महिलाओं ने यह भी कहा कि जब तक बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं होंगी, तब तक महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा रहेगा।
इन सभी बातों को सुनते हुए राजद नेत्री आभा रानी ने कहा कि यह चौपाल सिर्फ़ समस्याएं सुनने का मंच नहीं है, यह बदलाव की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने 20 साल में सिर्फ़ वादे किए, लेकिन गांव आज भी उसी जगह पर खड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाओं को उनका राशन, पेंशन, आवास और शिक्षा नहीं मिल रही, तो विकास कहां हो रहा है?
आभा रानी ने कहा कि तेजस्वी यादव जी की सोच है कि जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से मज़बूत नहीं किया जाएगा, तब तक समाज आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने बताया कि महागठबंधन की सरकार बनने पर हर महिला के खाते में ₹2500 दिए जाएंगे, वृद्धा पेंशन ₹1500 होगी और हर घर को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी।
चौपाल में जो आवाजें उठीं, वे सिर्फ़ शिकायत नहीं थीं, वे बदलाव की दस्तक थीं। “जहाँ नारी बोलेगी, वहीं से बदलेगा बिहार” का संकल्प लेकर आभा रानी ने यह भरोसा दिलाया कि यह आंदोलन रुकेगा नहीं, तब तक जब तक हर महिला को उसका हक़ नहीं मिल जाता।