जहानाबाद कनौली कि जांबाज बेटी अनामिका शर्मा ने फिर गर्व से किया देश का सीना चौड़ा, 12000 फीट पर लहराए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ध्वज


जहानाबाद
जहानाबाद कनौली निवासी रिटायर्ड फौजी कि बेटी अनामिका शर्मा ने एक बार फिर से जहानाबाद समेत पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है. इस बार देश की सबसे कम उम्र की स्काई डाइवर ने भारतीय सेना को अनोखे अंदाज में सलामी दी है और थाईलैंड के बैंकॉक में 12,000 फीट की ऊंचाई पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा लहराया है. अनामिका के हाथ में 12000 फीट की ऊंचाई पर ऑपरेशन सिंदूर का ध्वज था.
अनामिका की इतनी ऊंचाई से साहसिक छलांग 5 जून को भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजे लगाई. इस उपलब्धि पर अनामिका शर्मा के पिता ने कहा कि वह एक फौजी की बेटी है. सेना के शौर्य के सम्मान में अनामिका ने थाईलैंड के बैंकॉक में 12000 फीट की ऊंचाई से एक छलांग लगाई है.
अनामिका के पिता अजय कुमार शर्मा ने बताया कि संघर्ष के परिणाम से ही कुछ अच्छा निकलकर सामने आता है. यह बताकर काफी अच्छा लग रहा है, एक छोटे से कस्बे से बाहर आकर इतनी बड़ी बड़ी छलांग लगा रही है.
दरअसल, भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. ऑपरेशन सिंदूर को अब एक महीना बीत गया है. सेना के सम्मान में पूरे देश तिरंगा यात्रा निकाली गई थी. अब रिटायर्ड एयरफोर्स जवान की बेटी ने अनोखे स्टाइल में देश की सेना को सम्मान देने का काम किया है.
अनामिका शर्मा का पूरा परिवार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रहते हैं. उनके पिताजी का नाम अजय कुमार शर्मा हैं, जो की रिटायर्ड एयरफोर्स जवान हैं. इससे पहले भी अनामिका शर्मा ने थाईलैंड के बैंकॉक में ही कुंभ ध्वज फहराया था. उस समय से ही बिहार की बेटी चर्चा में थीं.
बता दें कि अनामिका शर्मा बिहार के जहानाबाद जिला स्थित कनौली गांव की रहने वाली हैं. पैतृक घर पर उनके दादाजी रहते हैं. पिताजी की नौकरी हो गई, जिसके चलते अनामिका का परिवार प्रयागराज में रहने लगे.