गरीबों की मसीहा डा प्रमिला प्रसाद नहीं रही…


जहानाबाद
जहानाबाद शहर के मलहचक मोड निवासी डा प्रमिला प्रसाद अब ये नाम इतिहास हो गया, ये होमियोपैथी की डाक्टर थी पुराने से पुराना रोग कुछ दिनों में ही ठीक कर देती थी, एक समय था जब दूर दराज के गांव गांव से अपने और अपने परिजनों के इलाज कराने के लिये डाक्टर साहब के क्लिनिक में भीड़ लगी रहती थी, ये फीस भी नहीं लेती थी, इसलिए इन्हें गरीबों का डाक्टर कहा जाता था, लोग प्यार से इन्हें मेम साहब कहते थे, जहानाबाद के मल्लाहचक मोड़ पर अपने घर के नीचे ही क्लिनिक था, जो प्रसाद होमियो हॉल के नाम से प्रचलित था, दूसरे जिले और राज्य के मरीज भी अपना इलाज करवाने आते थे, डाक्टर साहब के दो पुत्र है बड़ा पुत्र प्रशांत कुमार सिन्हा जहानाबाद में ही अपना कार्य करते है, मेम साहब अपने छोटे पुत्र निशांत कुमार सिन्हा जो रेलवे में कार्यरत है उनके साथ कुम्हरार पटना में रह रही थी, 73 वर्ष की आयु में भी अपना नित्य क्रिया कलाप खुद करती थी, चलने फिरने में थोड़ा असमर्थ थी किसी को क्या पता था कि 15 जून 2025 की रात में सोऐगी तो फिर नहीं उठेगी….