घोषी के कोर्रा गाँव मे 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की कलश यात्रा से हुई शुरुआत


*हजारों लोग हुए सम्मिलित*
*दुनियाँ के लोगों में देवत्व का आना ज़रूरी–शारदानंदन सिंह*
घोषी (जहानाबाद)
गायत्री मंत्र ओम भूर भुवा स्वाहा तत्सवितुर्वरेंयं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न प्रचोदयात् से पुरा माहौल गूंज रहा था अवसर था जहानाबाद घोसी प्रखंड के कोर्रा गांव में 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का युग तीर्थ शांति कुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में आयोजित 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में हजारों हजार की संख्या में महिला पुरुष भक्त सम्मिलित थे 7 जून से 10 जून तक आयोजित इस 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत कलश यात्रा से की गई यज्ञस्थल से हजारों की संख्या में महिलाएं माथे पर कलश लेकर सूर्य मंदिर तक गई और वहां से जल भरकर पूनः गांव यज्ञ स्थल पर पहुंची एक अलग दृश्य एक अलग माहौल देखने को मिल रहा था बैंड बाजा कई घोड़े सहित कई अलौकिक दृश्य देखने को मिल रहा था।। इस मौके पर मुख्य ट्रस्टी शारदा नंदन सिंह वचन देव कुमार रंगेश कुमार सहित गायत्री परिवार के अनेक कार्यकर्ता तन मन से सेवा में लगे थे इस अवसर पर मुख्य ट्रस्टी शारदा नंदन सिंह ने कहा की मानव में देवत्व का उदय ही सही मार्ग है और इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, वे व्यक्ति में आत्म-सुधार और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं।
शारदानंदन सिंह ने कहा कि
गायत्री परिवार समाज को बेहतर बनाने के लिए कार्य करता है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।भारतीय संस्कृति के मूल्यों को पुनर्जीवित करने और मनुष्यों के विचार संस्कार में बदलाव लाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि आज का इंसान लोभ लालच ईर्ष्या में पूरी तरह तल्लीन है
गायत्री परिवार वैदिक सिद्धांतों और गायत्री मंत्र को प्रचारित करता है, जो उन्हें मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं।
गायत्री परिवार का मानना है कि व्यक्ति के आत्म-सुधार से युग सुधार हो सकता है, और वे इस उद्देश्य के लिए लगातार कार्य करते हैं।
वे विचार परिवर्तन और जागृति लाने के लिए लगातार कार्य कर रहें हैं जो समाज को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।