अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित



जहानाबाद
समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स भवन में जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडेय के निर्देशानुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता अपर समाहर्ता श्री ब्रजेश कुमार ने की।
कार्यशाला का उद्देश्य अधिनियम की जानकारी को जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं आमजन तक पहुँचाकर, इसके प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना तथा दलित एवं आदिवासी समुदायों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता श्री ब्रजेश कुमार द्वारा अधिनियम की प्रमुख धाराओं जैसे:
धारा 3(1)(r) और 3(1)(s): सार्वजनिक स्थल पर जातीय अपमान या गाली-गलौज,
धारा 3(1)(w): लैंगिक उत्पीड़न,
धारा 3(2)(v) व 3(2)(va): हत्या, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार इत्यादि
का विस्तारपूर्वक उल्लेख करते हुए बताया गया कि धारा 18A के अंतर्गत अब ऐसे मामलों में प्रारंभिक जांच या अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होती, एवं जमानत जैसे प्रावधान स्वतः निरस्त हो जाते हैं।
कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत विचारों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना गया, और उनके सुझावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। श्री ब्रजेश कुमार ने सम्बंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अधिनियम से जुड़े प्रावधानों का पालन करते हुए, पीड़ितों को त्वरित न्याय एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती रंजना कुमारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री राजीव रंजन सिंह, सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र प्रसाद, जन सम्पर्क पदाधिकारी श्रीमती शिल्पी आनंद, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी श्री विनीत कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
अंत में, कार्यशाला में यह संकल्प लिया गया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की जानकारी को प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक व्यापक रूप से पहुँचाया जाएगा, ताकि इससे जुड़े समुदायों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके और अत्याचार के विरुद्ध न्यायपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।