वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 के विरोध में जहानाबाद में आयोजित हुआ तहफ़्फुज़-ए-औक़ाफ़ कॉन्फ्रेंस


जहानाबाद
वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में शनिवार को जहानाबाद में तहफ़्फुज़-ए-औक़ाफ़ कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तमाम मिल्ली संगठनों की साझा पहल पर आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने भाग लिया।
कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ताओं ने वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधनों को समुदाय की संपत्ति पर हस्तक्षेप करार दिया। वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम न केवल अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है, बल्कि इससे समाज में असंतोष की भावना भी बढ़ सकती है।
इस अवसर पर जहानाबाद के विधायक कुमार कृष्ण मोहन उर्फ सुदय यादव ने भी मंच साझा किया और सभा को संबोधित करते हुए कहा, “वक़्फ़ की संपत्तियाँ समाज की अमानत हैं। इन्हें संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार को इस अधिनियम को लेकर पुनर्विचार करना चाहिए और इसे तुरंत वापस लेना चाहिए।
कॉन्फ्रेंस में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि केंद्र सरकार ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो आगामी दिनों में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन को तेज किया जाएगा।