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शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक सुधार और वित्तीय भुगतान होगी प्राथमिकता : डॉ० संजय



राम लखन सिंह यादव कॉलेज में शिक्षा संवाद एवं समाधान संगोष्ठी का आयोजन
जहानाबाद
राम लखन सिंह यादव कॉलेज, नौरू जहानाबाद में गुरुवार को शिक्षा संवाद एवं समाधान संगोष्ठी का आयोजन बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के वर्तमान और सेवानिवृत्त शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, अधिकारी और अन्य आमंत्रित गणमान्य अतिथि शामिल हुए।
कार्यक्रम का प्रारंभ महाविद्यालय के संस्थापक सचिव स्वर्गीय प्रोफेसर (डॉ.) चंद्रिका प्रसाद यादव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने उनके योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती। वे एक सच्चे शिक्षाविद् ही नहीं, बल्कि संस्था निर्माणकर्ता और प्रेरणास्रोत थे, जिनकी दूरदृष्टि आज भी महाविद्यालय की दिशा तय करती है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन सिर्फ संवाद के मंच नहीं होते, ये हमारी साझा जिम्मेदारियों की याद भी दिलाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉलेज की बेहतरी के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण विषयों पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।

कार्यक्रम में कॉलेज के सचिव श्री चंद्र प्रकाश की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने  महाविद्यालय के हित को सर्वोपरि रखते हुये  सभी को मिलकर काम करने की बात की। उन्होंने कहा संवाद से समाधान की दिशा में यह पहल न केवल कॉलेज के प्रशासनिक और शैक्षणिक सुधार की ओर एक कदम है, बल्कि यह हम सबको एक सूत्र में बांधकर महाविद्यालय को आगे ले कर जाने के लिये जरूरी है। कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे प्रो. संजीव कुमार, प्रो. विनय शंकर पाठक, डॉ. अवधेश प्रसाद, प्रो. रमण कुमार, प्रो. राम बली प्रसाद, प्रो. जाकिर हुसैन, प्रो. रमेश चंद्र, प्रो. गणेन्द्र गुप्ता, प्रो. नरेश प्रसाद रॉय, प्रो. रविन्द्र प्रसाद सिंह, प्रो. कृपाशंकर यादव, डॉ. अंशुल प्रसाद, प्रो. एम.डी. अंज़ार, प्रो. भानु प्रसाद, प्रो. राजकुमार, राम भवन सिंह, नगीना प्रसाद, रामनन्दन सिंह, योगेन्द्र प्रसाद आदि गणमान्य शिक्षाविदों की उपस्थिति ने संगोष्ठी को एक समावेशी और विचारपूर्ण मंच बना दिया। मंच संचालन प्रो० शिवराम प्रसाद ने कुशलतापूर्वक निभाया और सभी वक्ताओं के विचारों को संयोजित करते हुए संगोष्ठी को सार्थक दिशा प्रदान की। धन्यवाद ज्ञापन पूर्व छात्र ललित शंकर ने किया।

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