प्राकृतिक खेती अपनाएँ किसान: आत्मा एवं नमामि गंगे के संयुक्त प्रयास से प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन


जहानाबाद
कृषि विभाग (आत्मा), जहानाबाद द्वारा जिला गंगा समिति (नमामि गंगे) के सहयोग से दिनांक 23 मई, 2025 को स्थानीय अब्दुल बारी नगर भवन, जहानाबाद में किसानों के लिए एकदिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक, डी.आर.डी.ए. डॉ. रोहित कुमार मिश्रा एवं जिला कृषि पदाधिकारी संभावना द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, गंधार के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान डॉ. मुनेश्वर प्रसाद, सहायक मुर्गीपालन पदाधिकारी डॉ. रानी कुमारी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. वाजिद हसन एवं जिला परियोजना पदाधिकारी (नमामि गंगे) अमित कुमार सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
डॉ. वाजिद हसन द्वारा प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयाम जैसे – जीवामृत, घनामृत, बीजामृत, नीमास्त्र आदि की निर्माण विधियों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया तथा उपस्थित सैकड़ों किसानों को इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जहानाबाद जिले के पाँच प्रखंडों में पाँच क्लस्टर चिन्हित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक क्लस्टर 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल का है – कुल 250 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक क्लस्टर में जीविका समूह की दो कृषि सखी के चयन की योजना है, जो स्थानीय स्तर पर किसानों को मार्गदर्शन देंगी।
प्रगतिशील किसानों – श्री शिवानंद विद्यार्थी, विश्वनाथ यादव, शिवनारायण यादव एवं अभय शर्मा द्वारा प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे अन्य किसान भी इस दिशा में प्रेरित हुए।
वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रारंभिक दो वर्षों में उत्पादन में कमी संभव है, परंतु तीसरे वर्ष से उपज में वृद्धि होती है और जैविक उत्पादों का बाज़ार मूल्य भी अधिक होता है। साथ ही, यह खेती मृदा और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।
इस अवसर पर सहायक निदेशक (उद्यान) श्री रूपेश कुमार अग्रवाल, सहायक निदेशक (भूमि संरक्षण) श्री राम लखन ठाकुर, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) श्री राकेश कुमार, मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला की श्वेता प्रिया, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी श्रीमती इंदू सिन्हा, डीपीएम जीविका श्रीमती अनिता कुमारी सहित कृषि विभाग के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन किसान सलाहकार श्री देवेंद्र कुमार द्वारा किया गया।