नम आंखों से दी गई वीर सपूत विकास को अंतिम विदाई,डीएम व एसपी ने भी अंतिम दर्शन कर वीर सपूत को दी सलामी







जहानाबाद
मध्य प्रदेश के रतलाम में ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में मौत के बाद शहर के पाठक टोला निवासी एसटीएफ जवान विकास कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार को जहानाबाद पहुंचा। पार्थिव शरीर आते हीं वीर सपूत की एक झलक पाने के लिए लोग उतावले थे। विशेष वहान से पार्थिव शरीर यहां आया था। साथ में आए एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि गुजरात के अपराधी को पकड़ने के लिए रतलाम में वे रेड के लिए जा रहे थे। इसी दौरान वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसके कारण विकास कुमार की मौत हो गई। डीएम अलंकृता पांडेय, एसपी अरविंद प्रताप सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिंह, सदर एसडीपीओ राजीव कुमार सिंह, घोसी के एसडीपीओ संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारियों तथा शहर के गणमान्य लोगों ने विकास कुमार को सलामी दी। श्रद्धांजलि देते हुए अधिकारियों ने कहा कि ड्यूटी के दौरान विकाश कुमार सड़क दुर्घटना के शिकार हुए हैं। हम लोगों की पूरी संवेदना परिवार के साथ है। मौके पर एसटीएफ के अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों द्वारा दिवंगत विकास कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शहर के स्टेशन होते हुए गोरक्ष्णी के रास्ते पार्थिव शरीर विकास के घर पहुंचा था। श्रद्धांजलि और गार्ड ऑफ़ ऑनर के बाद शव को दाह संस्कार के लिए शाम को दरधा नदी के सोईया घाट लाया गया। हालांकि खबर लिखे जाने तक दाह संस्कार नहीं हो सका था लेकिन गमगीन माहौल में वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी चल रही थी। दिवंगत जवान के परिजन दिवंगत विकास कुमार के डेढ़ साल के पुत्र को गोद में लेकर मुखाग्नि के लिए घाट पर पहुंचे हुए थे। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों का कलेजा मुंह को आ रहा था। हालांकि तिरंगे झंडे से लपेटा एसटीएफ के पार्थिव शरीर जिस जिस रास्ते से गुजरा लोग उनके सम्मान में नतमस्तक नजर आए। इस दौरान वीर विकास अमर रहे, भारत माता जिंदाबाद के खूब नारे भी लगे।
