मरीज के परिजनों के लापरवाही से हुई थी,शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल में मौत: डॉ अमन सिन्हा…



*हंगामा मामले में डॉक्टर ने बताई असली सच्चाई, सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज से हुआ खुलासा..*
गया जी
शहर के एपी कॉलोनी स्थित शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेंटर में शुक्रवार को एक मरीज की मौत के बाद हुए हंगामा मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। आक्रोशित परिजनों द्वारा अस्पताल प्रशासन पर लगाए गए गंभीर आरोपों पर सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज से बड़ा खुलासा हुआ है।दरअसल इस मामले सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमन सिन्हा ने आयोजित रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से इस घटना में लगाए गए आरोपों से इंकार किया है। उन्होंने पूरे मामले का सीसीटीवी कैमरे में कैद घटनाक्रम फुटेज प्रस्तुत किया है। इस संबंध में डॉ. अमन सिन्हा ने बाराचट्टी निवासी अरुण कुमार की मौत मामले में कहा कि हार्ट से सम्बंधित बीते 14 और 15 मई 2025 को मरीज की हालत गंभीर थी जिसकी जानकारी परिजनों को बताया था।उन्हें इमरजेंसी भर्ती होने की सलाह भी दी गई। लेकिन फिर भी नहीं माने। हालत मरीज की ज्यादा बिगड़ी तो आनन-फानन में नाजुक स्थिति में देर रात मरीज को भर्ती कराया गया, उनके परिजनों के द्वारा इलाज शुरू कराने में भी आधे घंटे विलंब किया गया। फिर अस्पताल प्रशासन के द्वारा मरीज को आवश्यक सभी चिकित्सा सुविधाएं और दवाइयां दी गईं, लेकिन उनकी हालत पहले से नाजुक था, जिसके कारण इलाज क्रम में उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिजनों को बताया गया था कि हालात नाजुक है, इलाज के क्रम में मौत हो सकती है, इसके लिए उनसे लिखित तौर पर भी लिए गए थे। फिर भी अस्पतालों में परिजनों द्वारा स्टाफ के साथ मारपीट, अस्पताल में तोड़-फोड़ और गंदी-गंदी गाली-गलौज और जान मारने की धमकी जैसी शब्द का प्रयोग किया गया जोकि पूरी तरह शर्मनाक है। यह अस्पताल हार्ट विशेषज्ञ से संबंधित है, यहां हर प्रकार से मरीज भर्ती होते रहते हैं जिसमें तकरीबन मरीज ठीक होकर घर लौटते हैं, किसी की हालत ज्यादा गंभीर भी हो सकती है। ऐसे में अस्पताल में मरीज के परिजनों के द्वारा तोड़फोड़ एवं मारपीट की घटना को अंजाम दिया जाएगा तो ऐसे में कैसे इलाज करेंगे। कोई भी डॉक्टर अपना मरीज को खराब होने नहीं देना चाहता है, डॉ हर मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। परिजनों के द्वारा अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ एवं स्टाफ के साथ मारपीट मामले में रामपुर थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सारी मामले की जांच कर रही है। उन्होंने सारी घटनाक्रम का सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज भी पुलिस एवं मीडियाकर्मियों को सुपुर्द किया है।