जल शक्ति अभियान की समीक्षा बैठक सम्पन्न


जहानाबाद
समाहरणालय, जहानाबाद स्थित सभा कक्ष में जल शक्ति अभियान (Catch the Rain) के तहत जिले में संचालित जल संरक्षण संबंधी योजनाओं की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के केन्द्रीय नोडल पदाधिकारी एवं आयुष मंत्रालय के निदेशक श्री सुबोध कुमार (भा.प्र.से.) ने की, जबकि बैठक का संचालन जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया।
बैठक की शुरुआत में जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त डॉ. प्रीति द्वारा मुख्य अतिथि का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। तत्पश्चात, जिले में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनरुद्धार तथा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन जैसे विभिन्न पहलुओं पर विभागवार समीक्षा की गई।
*जल संरक्षण की दिशा में ठोस पहलें:*
जिले के लगभग सभी सरकारी भवनों एवं संरचनाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं।
कुओं एवं चापाकलों के पास भी जल संचयन की व्यवस्था की गई है।
तालाब, आहार, पईन एवं पोखर जैसे पारंपरिक जल स्रोतों का नवीकरण व अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्जीवन किया गया है।
60 विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है।
भवन निर्माण विभाग द्वारा सभी नवनिर्मित भवनों में इनवर्टर हार्वेस्टर लगाए जा रहे हैं।
मनरेगा योजना के अंतर्गत विगत दो वर्षों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया है।
*बेहतर अभिसरण और अभिनव मॉडल:*
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी महोदया द्वारा PowerPoint प्रस्तुति के माध्यम से मनरेगा एवं अन्य विभागीय अभिसरण से किए गए कार्यों – जैसे कि तालाब, आहार, पईन निर्माण और जल संचयन परियोजनाओं की जानकारी दी गई। नोडल पदाधिकारी ने जिले की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।
*स्वच्छता एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन:*
इस अवसर पर हुलासगंज स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की सफलता को “बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल” के रूप में प्रस्तुत किया गया। जिला सलाहकार श्री पिंकू कुमार द्वारा PowerPoint के माध्यम से प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन चक्र की पूरी प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक बताया गया, जिसे नोडल अधिकारी ने सराहा और प्रमुख बिंदुओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने की इच्छा जताई।
*हुलासगंज प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण ईकाई का भ्रमण:*
समीक्षा बैठक के पश्चात नोडल पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार द्वारा हुलासगंज में स्थित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का भ्रमण किया गया। वहाँ उन्हें लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान / स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्थापित इस यूनिट की कार्यप्रणाली एवं पूरे प्रबंधन चक्र की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने इस पहल को “बेस्ट प्रैक्टिस” मानते हुए इसकी PPT के कुछ प्रमुख बिंदुओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की इच्छा व्यक्त की।
*धरहरा तालाब एवं छात्रावास में योजनाओं का निरीक्षण:*
निरीक्षण के क्रम में धरहरा तालाब का दौरा कर नोडल अधिकारी ने उसके संरक्षण की दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने धरहरा छात्रावास परिसर में मनरेगा के तहत बने खेल मैदान तथा किए गए वृक्षारोपण का निरीक्षण किया। नवनिर्मित छात्रावास भवन के पास निर्मित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की भी समीक्षा की गई, जिसमें भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया कि हर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर पीजो मीटर तथा एक सूचना पट लगाई जाए, जिससे जानकारी सभी के लिए सुलभ हो सके।
*हुलासगंज में बहुआयामी निरीक्षण:*
इसके उपरांत हुलासगंज प्रखंड के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया गया। निरीक्षण की प्रमुख झलकियाँ निम्नलिखित रहीं:
उदेरा स्थान बराज का निरीक्षण कर पानी संचयन की संरचनाओं की समीक्षा की गई।
बौरी पंचायत (डिहरी गांव) में मनरेगा के तहत किए गए 200 वृक्षारोपण कार्ड तथा धर्मेंद्र मांझी द्वारा तालाब निर्माण, मछली पालन एवं वृक्षारोपण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
सुरजपुर पंचायत (भवानीपुर गांव) में गोबर धन योजना के अंतर्गत स्थापित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की संरचना का निरीक्षण कर बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत 50 घरों को पाइपलाइन के माध्यम से गोबर गैस की आपूर्ति की जाएगी। ग्रामीणों से गोबर एकत्र कर पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा उत्पादित करने की यह योजना स्थानीय सहभागिता और सतत विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है।
अन्य योजनाओं का भी निरीक्षण:
इसके अतिरिक्त नोडल पदाधिकारी द्वारा मनरेगा के तहत संचालित अन्य योजनाओं का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने समुदाय-आधारित जल संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन की कार्यनीति की सराहना की।
बैठक में डीआरडीए निदेशक, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के पदाधिकारी, भवन निर्माण, शिक्षा, पंचायत, नगर निकाय, जल संसाधन एवं अन्य तकनीकी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।