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जिला पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री निशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लाभुक दंपति को सौंपा ₹1 लाख का सावधि जमा प्रमाण पत्र


जहानाबाद
समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में संचालित मुख्यमंत्री निशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना एवं मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना समाज में समानता, समावेशिता एवं सामाजिक न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाली दो महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। इन योजनाओं के माध्यम से एक ओर दिव्यांगजन दंपतियों को आर्थिक सहायता देकर उनके आत्म-सम्मान और जीवन की स्थिरता को सुनिश्चित किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देकर सामाजिक समरसता एवं जातीय भेदभाव के उन्मूलन की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।

इसी में जहानाबाद की जिला पदाधिकारी  अलंकृता पाण्डेय द्वारा मुख्यमंत्री निशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मोदनगंज प्रखंड अंतर्गत विशुनपुर ओकरी पंचायत निवासी श्री सोनू कुमार एवं उनकी पत्नी श्रीमती नीलू अनिल दुबे को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) का सावधि जमा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। यह राशि उन्हें राज्य सरकार की ओर से उनके विशेष विवाह को सम्मानित एवं सशक्त बनाने हेतु दी गई।

*जिले में अब तक की उपलब्धियाँ*

जहानाबाद जिले में इस योजना के अंतर्गत अब तक 48 दिव्यांग वर-वधु एवं 39 अंतरजातीय विवाह करने वाले युगल को प्रोत्साहन अनुदान राशि प्रदान की जा चुकी है।


* *मुख्यमंत्री निशक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना की मुख्य बातें:**

योजना के अंतर्गत वर या वधु में से किसी एक का दिव्यांग (न्यूनतम 40%) होना अनिवार्य है।

युगल में से किसी एक का बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।

विवाह की तिथि से 2 वर्ष के भीतर आवेदन करना होगा।

योजना के अंतर्गत देय अनुदान:

वर या वधु में से किसी एक के दिव्यांग होने पर – ₹1,00,000

दोनों के दिव्यांग होने पर – ₹2,00,000

दोनों के दिव्यांग होने एवं अंतरजातीय विवाह की स्थिति में – ₹3,00,000


अनुदान की राशि सावधि जमा प्रमाण पत्र के रूप में लाभुक को जिला पदाधिकारी की स्वीकृति उपरांत प्रदान की जाती है।

योजना में आय की कोई सीमा नहीं है, जिससे अधिकाधिक पात्र युगल लाभान्वित हो सकें।

*मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना की मुख्य विशेषताएँ:*

अंतरजातीय विवाह करने वाले विवाहित युगल इस योजना के अंतर्गत लाभ के पात्र हैं।

आवेदन वर के गृह जिले के सामाजिक सुरक्षा कोषांग में विवाह के दो वर्षों के अंदर किया जा सकता है।

इस योजना के तहत ₹1,00,000 का प्रोत्साहन अनुदान देय है।

इसमें भी आय सीमा लागू नहीं है।


जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय ने जिले के सभी ऐसे दिव्यांग अथवा अंतरजातीय विवाह करने वाले युगलों से अपील की है कि वे इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित समयावधि में आवेदन कर, योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं न केवल सामाजिक व आर्थिक संबल प्रदान करती हैं, बल्कि समाज में समता एवं सम्मान की भावना को भी बढ़ावा देती हैं।

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