बदलाव के लिए विचारकों को आगे आना होगा – बजरंग मुनि


भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए विचारकों को आगे आना होगा,
आज की व्यवस्था बदलनी होगी।विचारक लोगों को तर्कशील बनाकर बोलने, कहने के लिए तैयार करेंगे, तभी व्यक्ति के विकास में समाज का दखल नहीं होगा तथा समाज में व्यक्ति का दखल रुक सकेगा।आज अधिकांश धूर्त धर्मगुरु बन गये हैं तो भ्रष्ट राजनेता लोगों को शरीफ बनाने की कोशिश रहे हैं। ये विचार मार्गदर्शक सामाजिक शोध संस्थान के संस्थापक श्री बजरंग मुनि ने बीते दिन व्यक्त किए। ज्ञानोत्सव अभियान पर निकल रहे यात्री कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री मुनि ने लोगों का आह्वान किया है कि शराफत छोड़कर समाज को समझदारी की ओर लौटना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में विचारक समझदार होते थे,वे लोगों को शरीफ बनाते थे और उच्च विचारों के कारण राज्य सत्ता को भी गलत कार्यों से से रोक कर नियंत्रित करने में सक्षम थे लेकिन आज उनकी जगह धूर्त, भ्रष्ट धर्म गुरुओं ने ले ली है। नेताओं ने राजनीति को व्यापार बना दिया है। इसके सहारे वे शक्ति,मान-सम्मान और धन के अधिकारी बन बैठे हैं। इसमें बदलाव के लिए विचारकों, समझदार लोगों को आगे आना होगा, जो लोगों में मौलिक तर्कशक्ति जगा कर समूह तथा राज्य का मार्गदर्शन कर सकें , राज्य सत्ता को नियंत्रित कर सकें।