पटना उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति की अधिवक्ता टीम ने मंडल कारा, काको का किया दौराकैदियों को मिलेगी मुफ्त और प्रभावी कानूनी सहायता


जहानाबाद, 23 अप्रैल। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, पटना उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति द्वारा नामित वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक टीम ने जिले के मंडल कारा, काको का दौरा कर कैदियों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की प्रक्रिया प्रारंभ की। इस टीम में अधिवक्ता राजेश कुमार-1, अमित कुमार झा, पियूष कुमार पांडेय, मुस्कान सिंह तथा राजेश कुमार-2 शामिल थे।
टीम ने जेल के प्रत्येक वार्ड का दौरा कर सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों से मुलाकात की, उनकी कानूनी समस्याओं को समझा और उन्हें मुफ्त विधिक सहायता की प्रक्रिया एवं अधिकारों की जानकारी दी। यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी कैदी कानूनी सहायता से वंचित न रहे, विशेषकर वे जिनकी सजा उच्च न्यायालय ने बरकरार रखी है, या जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा दोषमुक्ति से दोषसिद्धि में परिवर्तित किया गया है।
टीम ने धारा 436ए सीआरपीसी (अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 479) के अंतर्गत वे मामले भी चिन्हित किए, जिनमें उच्च न्यायालय द्वारा कैदियों के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं, या जिनकी शीघ्र रिहाई की अनुशंसा राज्य सजा समीक्षा बोर्ड या उच्च न्यायालय ने अस्वीकार की है।
टीम के सदस्यों ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट मत है कि जेलों में ऐसे कैदी हो सकते हैं जो सर्वोच्च न्यायालय में अपील या याचिका दायर करना चाहते हैं, और उन्हें विधिक सेवा संस्थानों से मुफ्त सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। इस उद्देश्य से तालुका, जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कैदियों को यह भी बताया गया कि यदि वे अपने वर्तमान अधिवक्ता से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेकर जेल के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस दौरे के दौरान टीम को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कानूनी रक्षा परामर्शदाता प्रणाली के अंतर्गत मुख्य कानूनी बचाव अधिवक्ता अजीत सिंह और सहायक अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण का सहयोग प्राप्त हुआ। जेल अधीक्षक अमित कुमार झा ने टीम को महिला वार्ड सहित सभी वार्डों का निरीक्षण करवाया।
टीम ने कैदियों से मिली जानकारियों के आधार पर विस्तृत डाटा तैयार किया है, जिसके माध्यम से उनके मामलों को विधिक सहायता हेतु आगे बढ़ाया जाएगा। टीम ने संतोष जताया कि जहानाबाद जिला विधिक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, और भविष्य में भी ऐसे मामलों की पहचान कर सहायता दी जाती रहेगी।