आरटीआई एक्टिविस्ट प्रेमसागर सिंह का निधन, जानने वालों में शोक की लहर


जहानाबाद
जिले के प्रसिद्ध आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमसागर सिंह का असामयिक निधन हो गया। तबीयत खराब होने की शिकायत के बाद उन्हें पटना स्थित मेदांता अस्पताल में इलाज हेतू भर्ती कराया गया जहां इलाज के क्रम में सोमवार की देर रात उनका निधन हो गया। उनके असामयिक निधन की सूचना मिलते ही उनके जाननेवालों में शोक की लहर फैल गई।वे जिले के मोदनगंज प्रखंड के वैना गांव के रहने वाले थे। उनकी पहचान पूरे जिले में एक सक्रिय आरटीआई एक्टिविस्ट के तौर पर थी।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इनसे व्यक्तिगत तौर पर वाकिफ थे और एक बार जब मुख्यमंत्री का जहानाबाद आगमन हुआ था तो सीएम ने इन्हें अपने पास बुलाकर बाकायदा इनसे बातचीत कर सामाजिक समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की थी और अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया था। धोती कुर्ता की पहचान के साथ सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले श्री प्रेमसागर सिंह को सीएम के निर्देश पर सरकारी सुरक्षा देने का भी निर्देश दिया गया था लेकिन इन्होंने सरकारी सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया था। श्री प्रेमसागर सिंह छात्र जीवन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे और पटना साइंस कॉलेज के छात्र थे और वहीं से साइंस स्नातक थे। वे अपने पीछे दो पुत्र और दो पुत्रियों को छोड़कर गए हैं जिसमें बड़ा पुत्र जितेंद्र सागर सामाजिक क्षेत्र में तो छोटा पुत्र कुन्दन सागर रेल मंत्रालय अंतर्गत कार्यरत हैं। इनके निधन पर इनके गांव सहित जिले में जाननेवाले लोगों में शोक की लहर है। अपने करीबियों के संकटमोचक के रुप में जाने जाते थे।इनकी छवि ऐसी थी कि इनके पास जो भी आता था उसकी हर तरीके से मदद के लिए ये हर दम तैयार रहते थे। यही कारण है कि इनके निधन की सूचना पर इनके जानने वाले सभी लोग शोकग्रस्त हैं। ये लोगों की हर तरीके से खुलकर मदद करते थे। इनके निधन पर सामाजिक एवम् राजनैतिक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोगों ने भी शोक व्यक्त किया है। घोषी के पूर्व विधायक राहुल कुमार ने भी मेदांता अस्पताल पहुंचकर शोक प्रकट किया।