साधना कुमारी को मिली पीएचडी की उपाधि



राँची विश्वविद्यालय राँची के 38 वें दीक्षांत समारोह में दिनांक 07/03/2025 को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। शोध का विषय” अरुण कमल के साहित्य का सामाजिक वैशिष्ट्य : एक अध्ययन रहा।
साधना कुमारी से डॉ. साधना कुमारी बनने तक का सफ़र वाकई शानदार रहा। इस यात्रा में सर्वाधिक योगदान रहा मेरी शोध-निर्देशिका नियति कल्प मैंम का जिनके शोध-निर्देशन में अपने शोध-कार्य का संपादन करना मेरे लिए बेहद खास रहा। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूँ कि मुझे आपका मार्गदर्शन हर कदम पर प्राप्त हुआ जिसके फलस्वरूप ही मैं अपनी शोधकार्य को सफलतापूर्वक संपादित कर पाई। साथ ही मैं शुक्रगुज़ार हूँ हिन्दी विभाग के प्रत्येक गुरुजनों और गैर-शैक्षणिक सदस्यों का जिन्होंने मेरे शोध-कार्य के दौरान मेरा सहयोग किया तथा मुझे अपने मंज़िल तक पहुंचाने में महती भूमिका निभाई।
इन सभी के अलावा मैं आभार व्यक्त करती हूँ अपने ससुर डॉ. रवि शंकर शर्मा(प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, जहानाबाद कॉलेज जहानाबाद,बिहार) एवं सासु माँ डॉ. साधना शर्मा, अपर लोक अभियोजक, सिविल कोर्ट जहानाबाद का जिन्होंने मुझे सदैव अपना आशीर्वाद प्रदान किया तथा मुझे बेहतर करने के लिए सदैव प्रोत्साहित किया। मेरे परिवार के सभी सदस्यों के साथ ही मैं अपने सबसे प्रिय साथी डॉ. विवेक शंकर का आभार व्यक्त करती हूँ, जिन्होंने मुझे हर मोड़ पर मानसिक सम्बल प्रदान किया और कर्तव्य पथ की ओर बढ़ने के लिए सदैव प्रोत्साहित किया।
“परिश्रम के पसीने से जब भी ,
सफलता की फसल खिलती है,
तब किसी एक से नहीं बल्कि ,
पूरे ज़माने से बधाइयां मिलती हैं।
“उम्मीद है आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मुझे सदैव प्राप्त होता रहेगा।