चार दिनो तक मची रही होली की धूम, रंग-गुलाल से सराबोर रहा पूरा माहौल,अब हुआ शांत




जहानाबाद :
पिछले चार दिनो से माहौल पर छाई होली की मदस्मस्ती रविवार को पारंपरिक झुमटा के साथ थम गई और इसी के साथ रंगों का महापर्व होली का भी समापन हो गया। इसके पूर्व गुरुवार की रात होलिका दहन को लेकर गांव-गांव से लेकर शहर तक धूम मची रही। रात में होलिका दहन स्थल पर लोगों ने जमकर होली गायन की और फिर पूरे विधान के साथ होलिका दहन किया। अगले दिन खगोलीय गणना व विधान की कुछ मान्यताओं की वजह से शुक्रवार को पर्व का उत्साह आम तौर पर थमा रहा। अगले दिन शनिवार को विधिवत होली मनाई गई। होली के दिन गांव-गांव से लेकर शहर तक युवकों के दल ने सुबह से ही शहर के हर मुहल्ले व सड़क पर अपनी धमाकेदार उपस्थिति से माहौल पर अपना कब्जा जमा लिया। दोपहर बाद रंगाें व गुलालों के साथ होली शुरू हुई, जो देर रात तक बदस्तूर चलता रहा। पर्व को लेकर घर-घर खाने पीने की विशेष तैयारियाें से भी माहौल में पर्व की सोंधी खुशबू बिखरती रही। गांव-गांव से लेकर शहर में भी कई जगहों पर होली के पारंपरिक सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। इस दौरान हर जगह जमकर रंग-गुलाल उड़े। उम्र की पाबंदिया पर्व के उल्लास में गुम होता दिखा। हर उम्र के लोग होली में पूरी मस्ती में दिखे। कई जगह होली गायन में युवाओं की तुलना में पुराने लोगों का जोश तो देखते ही बन रहा था। अब लोग होली के महौल से धीरे-धीरे निकल रहे है।