चंद्रवंशी समाज का इतिहास रहा है गौरवशाली


बंसी प्रखंड के रैनाथ गांव में मगध सम्राट जरासंध जी महाराज का आदम कद प्रतिमा का निर्माण किया गया है इस प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा के लिए श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ का अनुष्ठान किया गया है इस निवृत्ति रामकथा का आयोजन संगीतमय रूप से किया जा रहा है इसी सस्कृति मंच का उद्घाटन पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी के पुत्र जितेंद्र कुमार, पूर्व जिला पार्षद आनंद कुमार चंद्रवंशी, पंचायत समिति सदस्य रविंद्र चंद्रवंशी, पूर्व प्रमुख उदल चंद्रवंशी, चंद्रवंशी चेतना मंच के जिला अध्यक्ष अमित कुमार चंद्रवंशी ने संयुक्त रूप से किया। मंच पर उपस्थित संतोष मिश्रा ने विधि विधान से मंत्र उच्चारण करवा कर मंच का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर करवाया है इस मौके पर संजय शर्मा, वार्ड सदस्य बागेश कुमार, पिंटू कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। उपस्थित वक्ताओं ने कहा की चंद्रवंशी समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है द्वापर युग में महाभारत की कथा चंद्रवंशियों का इतिहास है इस युग में मगध के चक्रवर्ती महाराजा जरासंध जी महाराज हुआ करते थे वह इतना धर्मात्मा थे की उनके अनुरोध पर ही मलमास के अपवित्र माह में भी स्वर्ग लोक के सभी देवी देवता राजगीर में निवास करते हैं, यही नहीं पृथ्वी के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट सतयुग काल में राजा पुरूरवा हुआ करते थे जिनका पौत्र राजा नहुष थे। राजा नहुष के विवाह भगवान भोलेनाथ वह माता पार्वती के पुत्री अशोक सुंदरी के साथ हुआ था। एक समय में राजा नहुष स्वर्ग पर कई वर्षों तक राज भी किए थे। आज मगध के चक्रवर्ती महाराज जरासंध जी का आदमकद प्रतिमा लगाकर यहां के लोगों ने अपने गौरवशाली इतिहास को जीवंत किया है। इस मौके पर यज्ञ कमिटी के अध्यक्ष धीरेन्द्र चंद्रवंशी उपाध्यक्ष वीरेंद्र चंद्रवंशी सचिव रामाशीष चंद्रवंशी उप सचिव महेंद्र चंद्रवंशी कोषाध्यक्ष विक्रम चंद्रवंशी और रामू चंद्रवंशी ओमप्रकाश चंद्रवंशी गोपाल चंद्रवंशी गुड्डू चंद्रवंशी सोनू चंद्रवंशी शैलेश चंद्रवंशी पृथ्वी चंद्रवंशी आशीष चंद्रवंशी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। वहीं मंच संचालन अमरजीत चंद्रवंशी कर रहे थे।