विरोध की लौ—————-


विरोध की लौ
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विरोध की लौ जलानी होगी, सुरक्षित सम्मान दिलानी होगी
बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ तो हो गया, अब बेटियों को सुरक्षा दिलानी होगी।
ना कपड़े का अब बहाना चलेगा, ना आजादी का तराना चलेगा
ना उम्र की कोई कहानी होगी, बेटियों को सुरक्षा दिलानी होगी।
सरेआम दानव घूम रहा, ना माधव राघव दिख रहा
बेटियों को काली बनानी होगी, बेटियों को सुरक्षा दिलानी होगी।
मिट्टी में आज नारी का गौरव, जिंदा दुशासन दुर्योधन कौरव
फिर आज द्रौपदी कसम खानी होगी, बेटियों को सुरक्षा दिलानी होगी।
राज्य सरकारों का बुरा बर्ताव, धरना प्रदर्शन से नहीं प्रभाव
बीच चौराहे फांसी दिलानी होगी, बेटियों को सुरक्षा दिलानी होगी।
पड़ोसी शिक्षक नेता अभिनेता, बेटियों पर करता है बर्बरता
आखिर रेप मर्डर कब तक होगी, बेटियों को सुरक्षा दिलानी होगी।
सैकड़ो सवाल कितने गुनहगार, इंसाफ का नहीं कोई किरदार
क्या?बेटी जन्म भुलानी होगी, बेटियों को सुरक्षा दिलानी होगी।
सावित्री सुमन
जहानाबाद