श्री स्वामी परांकुशाचार्य संस्कृत महाविद्यालय हुलासगंज के चेयरमैन बने स्वामी हरेरामाचार्य जी महाराज


हुलासगंज (जहानाबाद)
हुलासगंज में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली से सम्बद्ध संस्कृत महाविद्यालय में लम्बी अवधी से रिक्त चेयरमैन पद पर कुलपति ने स्वामी हरेरामाचार्य जी महाराज को नियुक्त किया। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा नियुक्ति कि सूचना प्राप्त होने के बाद उन्होंने प्रयागराज महाकुम्भ मेले से आकर महाविद्यालय में अपना योगदान दिए।
स्वामी जी ने योगदान देने के बाद मीडिया को बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय ने महाविद्यालय के समेकित विकास एवं संचालन के लिए जिस विश्वास से हमें दायित्व निर्वहन करने का मौका दिया है उसे मैं सहृदयता एवं पूर्ण निष्ठा पूर्वक सम्पादित करूंगा। उन्होंने आगे बताया कि चूँकि मैं इस महाविद्यालय का संस्थापक प्राचार्य रहते हुए वर्षों तक अपनी सेवा दी है तो स्वाभाविक है कि मेरी आत्मा में यह महाविद्यालय विशेष स्थान रखता है। चेयरमैन पद पर योगदान देने के उपरांत उन्होंने महाविद्यालय के वेद वेदांग वर्गकक्ष में विद्यार्थियों को व्याकरण विषय का अध्यापन किये।
इस अवसर पर उपस्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर हुलासगंज के ट्रस्टी सचिव मुखिया उमाशंकर शर्मा ने कहा कि स्वामी जी के चेयरमैन बनने से पुनः यह महाविद्यालय अपने शीर्ष पर पहुंचेगा। श्री शिवशंकर शर्मा एवं श्री रविकांत मुखिया ने कहा कि स्वामी जी के अध्यक्ष पद पर योगदान देने से महाविद्यालय में शैक्षणिक एवं आधारभूत संरचना में विशेष रूप से सुधार होगा। संयोग अतिउत्तम है कि स्वामी जी का विश्राम स्थल महाविद्यालय के बिल्कुल सटे है जिससे उनका हमेशा ध्यान एवं मार्गदर्शन सभी प्राध्यापकगण, कर्मियों एवं विद्यार्थियों को मिलते रहेगा।
ट्रस्ट के सदस्यों ने स्वामी जी के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने पर केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति महोदय एवं कुलसचिव महोदय के प्रति इस पुनीत कार्य सम्पादन के लिये कृतज्ञता ज्ञापित किये।
स्वामी जी के साथ योगदान देने के अवसर पर श्री प्रांकुशाचार्य संस्कृत संस्कृति संरक्षा परिषद ट्रस्ट के सचिव उमाशंकर शर्मा, कोषाध्यक्ष कमलाकांत शर्मा साथ ही शिक्षाविद डॉ राममनोहर शर्मा, रविकांत रंजन, शिवशंकर शर्मा,सत्येंद्र शर्मा, जय सिंह, रविभूषण अप्पू, कृष्ण कन्हैया, राजीव कुमार विकास एवं अन्य उपस्थित रहे।