श्री रमेश चौबे की पर्यावरण संरक्षण में अनुकरणीय पहल

बिहार के जहानाबाद जिले के खैरा गांव में रहने वाले श्री रमेश चौबे ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनुकरणीय पहल की है। उन्होंने अपने गांव में एक छोटा सा पौधशाला खोला, जिसका नाम उन्होंने मुख्यमंत्री निजी पौधशाला रखा है।
*पौधशाला की शुरुआत और विकास*
श्री चौबे ने 2013 में इस पौधशाले की शुरुआत की थी, और आज यह पौधशाला एक बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। उन्होंने अपने पौधशाले में विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे लगाए हैं, जो न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में मदद करते हैं, बल्कि गांव के लोगों को भी रोजगार प्रदान करते हैं।
*सरकारी सम्मान और पुरस्कार*
श्री चौबे की इस पहल को बिहार सरकार ने भी सराहा है। उन्हें पर्यावरण एवं वन विभाग के बैनर तले कृषि वानिकी पुरस्कार 2018 से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा, भारत सरकार के केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन और खाद्य प्रसंस्करण मामले के मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने भी उनकी कार्यों के लिए सम्मानित किया था,
*समुदाय के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण*
श्री चौबे की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करती है, बल्कि गांव के लोगों को भी जागरूक बनाने में मदद करती है। उन्होंने अपने पौधशाले में पेड़-पौधे लगाने के लिए गांव के लोगों को भी प्रेरित किया है, जिससे गांव में हरियाली बढ़ रही है। यह पहल एक अनुकरणीय उदाहरण है कि कैसे एक व्यक्ति अपने समुदाय के लिए कुछ कर सकता है।

