बराबर पहाड़ी को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन विभाग ने तेज की तैयारियां


जहानाबाद:
मगध के हिमालय’ के नाम से प्रसिद्ध बराबर की पहाड़ी को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन हब बनाने की योजना पर कार्य कर रही हैं।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण ने हाल ही में नागार्जुनी की गुफाओं के लिए हेरिटेज बायलॉज तैयार कर जहानाबाद जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बराबर की गुफाओं के आसपास किया जाने वाला कोई भी विकास कार्य संरक्षित क्षेत्र और विनियमित क्षेत्र के नियमों के तहत हो।
संरक्षित और विनियमित क्षेत्र का निर्धारण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नागार्जुनी पहाड़ी के 87.33 वर्ग मीटर क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र और 2,58,615 वर्ग मीटर क्षेत्र को विनियमित क्षेत्र घोषित किया गया है। अब इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत या अन्य कार्यों के लिए सक्षम पदाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
पर्यटकों के लिए रोपवे की सौगात
जहानाबाद की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार बराबर और नागार्जुनी गुफाओं के लिए हेरिटेज बायलॉज को नोटिफाई कर लिया गया है। इस क्षेत्र के समेकित विकास की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। खासकर, रोपवे निर्माण कार्य में उल्लेखनीय प्रगति देखी जा रही है और उम्मीद है कि अगले साल तक यह सुविधा पर्यटकों के लिए उपलब्ध होगी।
