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बिहार सरकार का महत्वपूर्ण निर्णयः 12 जिलों में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय खोलने का निर्णय



पटना,
      बिहार – बिहार सरकार ने राज्य के 12 जिलों में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय खोलने का निर्णय लिया है। यह निर्णय नेशनल एक्स सर्विसमैन को ऑर्डिनेशन कमिटी के राष्ट्रीय चेयरमैन पेटी ऑफिसर अशोक कुमार सिंह की मांग के बाद आया है, जिसमें हर 7500 पूर्व सैनिकों की संख्या पर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय खोलने का नियम है।

इन कार्यालयों का मुख्य उद्देश्य भूतपूर्व सैनिकों, कार्यरत सैनिकों, वीरगति प्राप्त सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए कार्य करना है। इन कार्यालयों की मुख्य जिम्मेदारियों में सैनिकों की समस्याओं का समाधान करना, उन्हें रोजगार और पुनर्वास के अवसर प्रदान करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना, कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करना, सैनिकों की देखभाल करना शामिल हैं।
प्रदेश महासचिव सार्जेंट इंग्लेश रंजन (पूर्व वायुसैनिक) ने बताया कि इन कार्यालयों की स्थापना से सैनिक परिवारों को कई लाभ होंगे, जिनमें: सैनिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान, रोजगार और पुनर्वास के अवसरों में वृद्धि, अधिकारों की रक्षा और संरक्षण, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, सैनिकों की देखभाल और सहयोग करना शामिल हैं

इन कार्यालयों की स्थापना के लिए सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं कर्मचारियों की नियुक्ति, कार्यालयों की स्थापना, आवश्यक संसाधनों का प्रबंधन।

सार्जेंट इंग्लेश रंजन ने यह निर्णय के लिए भारत सरकार को आभार व्यक्त करते हुए बताया कि ये सैनिक परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसके क्रियान्वयन से सैनिकों और उनके परिवारों को बहुत लाभ होगा। इन जिलों में सैनिकों की संख्या निम्नलिखित है: समस्तीपुर 15,442, बेगूसराय – 13,722 (खगड़िया), गया 12,891, जहानाबाद 16,575, कैमूर 9,059, नालंदा 17,656, मधुबनी – 12,261, पश्चिमी चंपारण – 10,911, गोपालगंज 8,646, सीतामढ़ी 8,485, सहरसा 7,614 (मधेपुरा, सुपौल) करिहार 9997 सैनिक परिवार (पूर्णिया, अररिया, किशंगज)
यह निर्णय सैनिक परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसके क्रियान्वयन से सैनिकों और उनके परिवारों को बहुत लाभ होगा। इसके लिए बिहार नेशनल एक्सर्विसमैन कॉर्डिनेशन कमिटी पूरे बिहार के सैनिकों की ओर से धन्यवाद करता है।

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