अलमा लतीफ शम्सी की याद में एक शाम अलमा शम्सी के नाम का आयोजन


काको (जहानाबाद)
अलमा लतीफ शमशी अंजुम काकवी के आदर्श और संस्कार न केवल काको, बल्कि पूरे मुल्क को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।लतीफ शम्सी की शख्सियत हमारी राष्ट्रीय धरोहर और साहित्यिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महान स्वतंत्रता सेनानी, कवि और साहित्यकार अलमा लतीफ शम्सी की सेवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए दिनांक 9 फरवरी 2025 को एक शाम अलमा शम्सी के नाम का आयोजन किया गया।
“शम्सी बिल्डिंग” प्रांगण में एक आयोजित कार्यक्रम का आयोजन अलमा शम्सी चैरिटेबल ट्रस्ट के द्वारा आयोजित हुआ । इस अवसर पर रोशन शम्शी मेमोरियल अस्पताल रमजान के अवसर शुभारंभ करने का भी घोषणा किया गया ।
काको निवासी सासाराम से आये शायर अख्तर ईमान अंजुम के अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन अलमा शम्सी के दामाद शायर मोईन अब्र ने किया ।
इस अवसर आयोजित कवि सम्मेलन -सह- मुशायारा में मोईन अब्र ने घोषणा कि यह कि रमजान के पहले हफ्ता में रोशन शम्सी मेमोरियल अस्पताल में पांच ओडिपी प्रारंभ कर दिया जायेगा ,जिसमें बच्चा , दांत ,आंख,ईएनटी तथा फिजिशियन चिकित्सक आयेगे।
इस पर आयोजित कवि सम्मेलन -सह-मुशायरा में भाग लेने वाले शायरा में शब्दाक्षर कि जिलाध्यक्ष सावित्री सुमन तथा ममताज प्रिया ,शायरो में अध्यक्षता कर रहे अख्तर ईमान अंजुम, गया के डा एहसान ताबिस , तथा सुधाकर राजेंद्र , कवि में विश्वजीत अलबेला , सुरेन्द्र मोहन ,गौतम परासर , मगही कवि अरविंद कुमार आंजाश ने अपने -अपने कविता ,शायरी प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में काको के हर दल अजीज समाजिक सरोकार रखने वाले अर्से ईमान , काको के मो कासीम , शम्सी साहब के छोटे नाती सैयद जमाल अख्तर जिले वरिष्ठ पत्रकार तथा अंजुमन तरक्की -ए- उर्दू के नयाव सदर जनाव संतोष श्रीवास्तव ने अलमा लतीफ शम्सी को महामानव बताया ,कि उनका पहचान उनका मुस्कराहट भरा चेहरा तथा सादा पहनावा था ।कहने का मतलब सादा जीवन उच्च विचार के व्यक्तित्व के थे अलमा लतीफ सम्सी साहब ।
कार्यक्रम के अंत में अलमा लतीफ शम्सी साहब के नाती सैयद मासूम अख्तर फैयान ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभी आगंतुकों और श्रोताओं का तहे दिल से धन्यवाद किया।