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अद्भुत जादूई शो के साथ जहानाबाद पहुँचे जादूगर गोगीया सरकार



जहानाबाद, 6 फरवरी: भारतीय जादू कला के शीर्षस्थ कलाकार एवं अनेक प्रतिष्ठित जादू अवार्ड्स के विजेता जादूगर गोगीया सरकार अपने भव्य जादूई कारवां के साथ जहानाबाद में पधार चुके हैं। वे अपने 25 सहयोगियों और पाँच ट्रकों के विशाल साज-सामान के साथ नगर भवन में एक यादगार जादूई शो प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।

7 फरवरी की संध्या 6:15 बजे से नगर भवन में शुरू हो रहे इस विश्व प्रसिद्ध जादूई शो में जादूगर गोगीया सरकार नए-नए खेलों का प्रदर्शन करेंगे, जिन्हें न कभी देखा गया है और न सुना गया है। इन जादूई करतबों में एक से बढ़कर एक खतरनाक और रोमांचकारी चमत्कार शामिल होंगे, जो भारतीय जादू जगत के इतिहास में पहली बार देखे जाएंगे।

भारतीय जादू को सर्वोत्तम मानते हैं गोगीया सरकार

जादू के क्षेत्र में मील का पत्थर बन चुके जादूगर गोगीया सरकार भारतीय जादू को विदेशी जादू से कहीं अधिक श्रेष्ठ मानते हैं। उनके शो में दर्शकों को ऐसे जादू देखने को मिलेंगे, जहाँ पलक झपकते ही कबूतर प्रकट और गायब हो जाता है, एक जीवित व्यक्ति को मशीन से काटकर दो टुकड़ों में बाँट दिया जाता है और फिर वह जीवित होकर दर्शकों का अभिवादन करता है। इसके अलावा, दर्शकों के बीच से उठी एक लड़की मंच पर आते ही हवा में तैरने लगती है। ये सब उनके लिए सहज हैं, क्योंकि वे जादू को साधना मानते हैं।

अंधविश्वास से परे वैज्ञानिक आधार पर जादू

प्रेस से बातचीत में जादूगर गोगीया सरकार ने कहा कि “आज के संघर्षमय जीवन में आनंद दुर्लभ होता जा रहा है, लेकिन जादू एक ऐसी कला है, जो वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित होकर स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करती है।” उनका मानना है कि जादू अंधविश्वास या तंत्र-मंत्र नहीं, बल्कि मनोविज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिभ्रम पर आधारित एक मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक कला है।

छात्रों के लिए विशेष कार्यक्रम

गोगीया सरकार के व्यवस्थापक आशीष कुमार ने बताया कि जादूगर स्कूल के छात्रों के लिए विशेष शो भी करेंगे। उनका मानना है कि जादू बच्चों के ज्ञानात्मक विकास में सहायक होता है और मानसिक विकृतियों को कम करता है। इसके माध्यम से बच्चे न केवल मनोरंजन प्राप्त करते हैं, बल्कि उनकी बौद्धिक क्षमता भी बढ़ती है।

जादू कला को संरक्षण की आवश्यकता

गोगीया सरकार ने चिंता जताई कि मोबाइल और डिजिटल मनोरंजन के युग में जादू, सर्कस, कठपुतली और नाटकों जैसी पारंपरिक भारतीय कलाएँ विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्होंने सरकार से इस प्राचीन भारतीय कला को संरक्षित करने और अन्य कलाकारों की भांति जादूगरों को भी प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि अमेरिका, जापान, जर्मनी और इंग्लैंड जैसे विकसित देशों में भारतीय जादूगरों को अत्यधिक पसंद किया जाता है, क्योंकि यह एक बौद्धिक व्यायाम भी है, जो तनावमुक्ति में सहायक है।

“जादू मेरी आत्मा है” – गोगीया सरकार

प्रेस वार्ता के अंत में जादूगर गोगीया सरकार ने भावुक होकर कहा, “जादू सिर्फ कला नहीं, बल्कि मेरे जीवन की साधना है। जिस तरह एक माँ अपने बच्चे से अगाध प्रेम करती है, उसी तरह जादू मेरे लिए प्राण है। मेरा जीवन-मरण सब कुछ जादू में समाहित है।”

जहानाबादवासियों से उन्होंने अपील की कि वे इस अद्भुत और नये जादूई खेलों का हिस्सा बनें और इस अनूठे शो का आनंद लें।

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