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निवेदिता बनाई गईं पटना हाई कोर्ट स्थित किशोर न्याय सचिवालय में रिसर्च ऑफिसर



-वर्तमान में जहानाबाद न्यायालय में सिविल जज सीनियर डिवीजन पद पर थी कार्यरत

-जहानाबाद स्थित किशोर न्याय परिषद की रह चुकी हैं प्रधान दंडाधिकारी
जहानाबाद।
जहानाबाद व अरवल जिले में विधि विवादित बालक के कानूनी अधिकारों के सरंक्षण और किशोर न्याय परिषद के आदेशों को अमलीजामा पहनाने एवं आदेशों का अनुपालन न होने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर जिले में चर्चित जहानाबाद किशोर न्याय परिषद के पूर्व प्रधान दंडाधिकारी एवं वर्तमान में जहानाबाद न्यायालय में सिविल जज सीनियर डिवीजन पद पर कार्यरत सिविल जज निवेदिता कुमारी को पटना हाई कोर्ट स्थित किशोर न्याय सचिवालय में रिसर्च ऑफिसर बनाया गया है। इस आशय का आदेश पटना हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किया है। जारी आदेश में उक्त न्यायिक पदाधिकारी को जल्द से जल्द नए पद पर योगदान करने का निर्देश दिया गया है। ज्ञात हो कि किशोर न्याय परिषद जहानाबाद के प्रधान दंडाधिकारी के रूप में उनकी कार्यशैली ने जहानाबाद और अरवल जिले में खूब सुर्खियां बटोरीं। बोर्ड के आदेश का अनुपालन न करने वाले या फिर लेट लतीफ करने वाले वरीय से लेकर कनीय पुलिस अधिकारियों में खौफ था। वह छोटे छोटे अपराधों में शामिल विधि विवादित बालकों को अलग-अलग सामुदायिक दंड देकर भी काफी चर्चा में रहीं। उनके कार्यकाल में एक मामले में  जहानाबाद के एसपी पर 10 हजार कॉस्ट करने का मामला भी पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना था। इसके अलावा प्रधान दंडाधिकारी के रूप में किशोर न्याय परिषद जहानाबाद का कायाकल्प कर उसे सारे संसाधनों और सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए भी उन्हें याद किया जाएगा। आज जिले से उनके स्थानांतरण के बाद कई अधिवक्ता खुले जुवान से यह कह रहे हैं कि उनके कार्यकाल में बोर्ड के किसी कर्मी या चपरासी तक को यह हिम्मत नहीं थी कि किसी अधिवक्ता या किशोर के परिजनों से नाजायज पैसा की मांग कर दे।जानकार बताते हैं कि किशोर न्याय परिषद में उनके ज्ञान और अनुभव को देखते हुए उन्हें रिसर्च ऑफिसर बनाया गया है।

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