जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पौधारोपण सबसे सरल उपाय


जहानाबाद
समाहरणालय में विकास भवन स्थित सभा कक्ष में *जल-जीवन-हरियाली दिवस* का आयोजन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, मनरेगा द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री धनंजय कुमार ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पौधारोपण को सबसे सरल उपाय बताया। उन्होंने कहा कि हमें अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए और उनकी उत्तरजीविता को बनाए रखना चाहिए। साथ ही, दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए ताकि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
11अवयवों पर आधारित इस अभियान की जिला अंतर्गत महत्वपूर्ण उपलब्धि :
*267 सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।
*1640 सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं यथा तालाबों, पोखर आहार, पाइन का जीर्णोद्धार कराया गया।
*सार्वजनिक चापकलों एवं कुओं के किनारे 2300 सोख्ताओं का निर्माण कराया गया है।
*वित्तीय वर्ष में 2024–25 में कुल 1.93 लाख वृक्षारोपण मनरेगा से करवाया गया है।
कार्यक्रम में जल संरक्षण पर भी जोर दिया गया। इसमें तालाब/पोखर, आहार, पईन का निर्माण, सोखता निर्माण, चेक डैम, निजी खेत पोखरी निर्माण, और RWH का निर्माण शामिल है। *जिले ने वर्ष 2024-25 के लक्ष्य को लगभग पूरा करते हुए राज्य में तीसरी रैंकिंग हासिल की है।*
उक्त अवसर पर निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी , मनरेगा, जिला मिशन प्रबंधक जल जीवन हरियाली अभियान,जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, नमामि गंगे, पंचायत रोजगार सेवक एवं अभियान अंतर्गत आने वाले संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।