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रमेश ‘कँवल’,बिहार प्रशासनिक सेवा के सेवा निवृत पदाधिकारी रविवरीय अंक के लिए संकलित

अंकुर शुक्ल अनंत, कानपुर की ग़ज़ल
मुहब्बत से ही हर रिश्ता यहाँ मैनेज होता है
हमारी उम्र का जब भी सुनहरा फेज होता है
किसी के प्यार में ये दिल तभी इंगेज होता है
जिसे रेपिस्ट कहते हैं यहाँ पर आप और हम सब
करेक्टर ही मियाँ उसका बहुत डैमेज होता है
हमारी माँ अगर तालीम की है विश्वविद्यालय
पिता तालीम का सबसे बड़ा कॉलेज होता है
लड़ाई और झगड़े से महज़ होती है कड़वाहट
मुहब्बत से ही हर रिश्ता यहाँ मैनेज होता है
सदा जीवन की पिच पर तुम बनाए हौंसला रखना
भले कितना बड़ा हो स्कोर इससे चेज होता है
कुएँ के मेढकों सा वो उछलता ही नहीं अंकुर
विषय का ठीक से अपने जिसे नॉलेज होता है
©®अंकुर शुक्ल ‘अनंत’
कानपुर, उत्तर प्रदेश
7398929202
