राज्यस्तरीय बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम का दूसरा दिन: नवाचार और उत्सव का संगम


जहानाबाद, 21 दिसंबर 2024:
राज्यस्तरीय बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम के दूसरे दिन कुर्मा संस्कृति विद्यालय का माहौल पूरी तरह से विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों से सराबोर रहा। दिन भर चली गतिविधियों ने बच्चों को न केवल अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक कौशल प्रदर्शित करने का मंच दिया, बल्कि उन्हें आपसी संवाद और सीखने का अवसर भी प्रदान किया।
दूसरे दिन का मुख्य आकर्षण परियोजना प्रस्तुतीकरण रहा, जिसमें विभिन्न जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों ने अपनी परियोजनाओं को राज्य स्तर के निर्णायकों के समक्ष प्रस्तुत किया। इन परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, और तकनीकी नवाचार से जुड़े अनोखे और प्रभावशाली विचार शामिल थे। निर्णायकों ने बच्चों के विचारों की सराहना की और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण की प्रशंसा की।
इसके साथ-साथ पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन भी हुआ। बच्चों ने अपने पोस्टर्स के माध्यम से विज्ञान के विभिन्न पहलुओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर संदेश दिए। रंग-बिरंगे और रचनात्मक पोस्टर्स ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में साइंस वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों और उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई। यह वर्कशॉप बाल वैज्ञानिकों के लिए एक ज्ञानवर्धक अनुभव साबित हुई।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने बच्चों में उत्साह भर दिया। विज्ञान और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवालों ने न केवल बच्चों का ज्ञान बढ़ाया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया।
एक अन्य प्रमुख गतिविधि फेस टू फेस सत्र रही, जिसमें बाल वैज्ञानिकों ने निर्णायकों और विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इस सत्र ने बच्चों को अपने सवाल पूछने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर दिया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक पहलू में, विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। लोकनृत्य, गायन और नाटकों ने दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी संस्कृति और परंपरा को जीवंत किया।
दिन भर चली इन गतिविधियों का मूल्यांकन राज्य स्तर के निर्णायकों द्वारा किया गया। निर्णायकों ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की और उनके प्रयासों को सराहा।
कुर्मा संस्कृति स्कूल के चेयरमैन श्री शंकर कुमार, साइंस फॉर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार, महासचिव दीपक कुमार, राज्य समन्वयक डॉ. सी. एस. झा, झारखंड राज्य समन्वयक श्री डी. एस. आनंद, और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
दूसरे दिन की इन गतिविधियों ने बच्चों में न केवल विज्ञान के प्रति रुचि जगाई, बल्कि उनकी सृजनात्मकता और सामूहिकता को भी बढ़ावा दिया। यह दिन नवाचार और उत्सव का अद्भुत संगम साबित हुआ।