प्रेस विज्ञप्ति…………..
ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस ने मनाया राजेंद्र बाबू की जयंती…..

जन्मदिवस पर याद किए गए खुदीराम बोस
जहानाबाद…… ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के द्वारा स्थानीय अम्बेडकर चौक स्थित कार्यालय में देश के पहले राष्ट्रपति भारत रत्न कायस्थ कुल पुरोधा डॉ राजेंद्र प्रसाद जी एवं खुदीराम बोस जी के जन्मदिवस पर उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण करके उन दोनों का जयंती मनाया गया, साथ ही उन दोनों को याद करते हुए चित्रांशो ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला l ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष बिंदुभूषण प्रसाद एवं महासचिव सुबोध अम्बर के अध्यक्षता में युवा सम्भाग के तमाम सदस्यगण एवं चित्रांशो ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित किया ! महासचिव सुबोध अम्बर ने बताया की राजेंद्र बाबू का सादा जीवन और उच्च विचार के सिद्धांत पर आधारित उनका जीवन देशवासियो को सदैव प्रेरित करता रहेगा ! डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति एवं महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे ! वे भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से थे और उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने भारत गणराज्य का संविधान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया था । सम्मान से उन्हें प्रायः ‘राजेन्द्र बाबू’ कहकर पुकारा जाता है । बिहार के सारण क्षेत्र के एक छोटे से गाँव जीरादेई में जन्म लेने वाले राजेंद्र बाबू स्वाभाव से काफ़ी दयालु और निर्मल थे, साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, इतिहास, भाषा, राजनीति, धर्म हो या वेदांत वे हर स्तर पर अपने विचार व्यक्त करते थे l हमलोगो को उनके सिद्धांतो का अनुसरण करना चाहिए l ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के कोषाध्यक्ष रामबिन्दु सिन्हा ने कहा की खुदीराम बोस भारतीय स्वाधीनता के लिए मात्र 19 वर्ष की अल्पआयु में भारतवर्ष की आजादी के लिए फाँसी पर चढ़ने वाले सबसे कम उम्र के ज्वलंत तथा युवा क्रन्तिकारी देशभक्त थे l साथ ही साथ युवा सम्भाग के सदस्य राखी वर्मा, सूर्यभूषण प्रसाद, किशन रंजन, रितेश सिन्हा, अरविंद कुमार , अयाश , आशुतोष ,ऋषि , राकेश रौशन,देवांशु सिन्हा, ने भी राजेंद्र बाबू एवं खुदीराम बोस के जीवन पर अपने अपने विचार रखे . उल्लेखनीय है कि
हालिया दिनों में केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि राजेंद्र प्रसाद की जयंती को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा