पूर्व सांसद व एरिस्टो फार्मा के चेयरमैन की पुण्यतिथि पर ओकरी में समारोह-

*एरिस्टो के एमडी उमेश शर्मा ने पुण्य अवसर पर 15 सौ गरीबों को प्रदान की मदद*
जहानाबाद
राज्यसभा के दिवंगत सांसद व प्रसिद्ध दवा कंपनी एरिस्टो फर्मास्यूटिकल के मालिक रहे महेन्द्र प्रसाद उर्फ किंग महेन्द्र की पुण्यतिथि पर मोदनगंज प्रखंड के ओकरी स्थित बीबीएम कॉलेज परिसर में एक व्यापक समारोह का आयोजन किया गया। जिले भर से मौके पर जुटे समाज के विभिन्न उपकरणों के हजारों लोगों ने पूर्व सांसद की परिसर स्थित प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर पहुंचीं जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने नई पीढ़ी को प्रेरित करते हुए कहा कि विपरित हालातों में भी शून्य से शिखर तक कोई व्यक्ति कैसे सफर कर अपने मुकाम को हासिल कर सकता है, पूर्व सांसद किंग महेन्द्र जी का जीवन, इसका एक बड़ा व प्रेरक उदाहरण है।
मौके पर डीएम, एसपी व एमडी भोला बाबू ने एरिस्टो के सीएसआर फंड से पंद्रह सौ गरीबों को कंबल प्रदान कर आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। कार्यक्रम में एडीएम ब्रजेश कुमार, डीडीसी धनंजय कुमार सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उन्हें श्रद्धांजलि देने ओकरी पहुंचे थे। एरिस्टो के एमडी व अपने जन सरोकारों व पीड़ित मानवता की सेवा के लिए असाधारण रूप से समर्पित रहने वाले प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू के द्वारा आयोजित समाराेह को लेकर यहां व्यापक तैयारियां की गई थी।
उन्होने दिवंगत सांसद महेन्द्र प्रसाद के प्रति अपने भावुक श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि वे न सिर्फ उनके बड़े भाई थे, बल्कि वे एक पिता की तरह उन्हें जीवन में आगे बढ़ने व चुनौतियों से सफलतापूर्वक पार पाने का हौसला देते रहे। कई वक्ताओं ने कहा कि भोला बाबू भी आज महेन्द्र प्रसाद के नक्शे-कदम पर चलकर उनकी विरासत के गौरव को आगे बढ़ाने का उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
सन 84 के लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी अगले वर्ष 1985 में हुए विधानसभा में पूरे मगध में अपने लोगों को टिकट दिला कर जिताने का भी काम किया था। बिहार ही नहीं देश की राजनीति में उन्होने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से जो धाक बनाई, वैसा उदाहरण कम ही मिलता है। उन्होने कहा कि महेंद्र बाबू ने उद्योग धंधा को विकसित कर जहां देश के आर्थिक विकास को गति दी, साथ में युवाओं को रोजगार देकर समाज को स्वावलंबी बनाया उनकी जीवनी से सीख लेने की जरूरत है।