मगध सम्राट महाराज जरासंध महोत्सव एवं चंद्रवंशी मिलन समारोह का भव्य आयोजन




जहानाबाद
जिले के अब्दुल बारी भवन में मगध सम्राट महाराज जरासंध महोत्सव एवं चंद्रवंशी मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चंद्रवंशी एकता मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश चंद्रवंशी और संरक्षक मनोज कुमार चंद्रवंशी के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर बिहार के कई गणमान्य नेता, मंत्री, और समाज के प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत मगध सम्राट महाराज जरासंध के तैल चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का जोरदार स्वागत फूल मालाओं और अंग वस्त्र देकर किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, एमएलसी डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, पूर्व एमएलसी प्रोफेसर रामबली सिंह चंद्रवंशी, और अति पिछड़ा आयोग के पूर्व सदस्य प्रमोद चंद्रवंशी सहित अन्य नेताओं ने समारोह में भाग लिया।
गौरवशाली इतिहास और एकता पर जोर
पूर्व सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने अपने संबोधन में मगध सम्राट महाराज जरासंध की वीरता और दानशीलता का उल्लेख किया। उन्होंने चंद्रवंशी समाज के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित होने और शिक्षा पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा, “शिक्षा हर ताले की कुंजी है, जो समाज को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।” पूर्व एमएलसी प्रोफेसर रामबली सिंह चंद्रवंशी ने कहा, “चंद्रवंशी समाज के पिछड़ने का मुख्य कारण जागरूकता और शिक्षा का अभाव है। समाज को शिक्षित और संगठित होकर राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी में मजबूती लानी होगी।” एमएलसी डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने महाराज जरासंध के शासनकाल को याद करते हुए कहा कि उनका साम्राज्य न केवल भारत, बल्कि अफगानिस्तान तक फैला था। उन्होंने समाज को अपने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए संगठित होकर कार्य करने का संदेश दिया। अति पिछड़ा आयोग के पूर्व सदस्य प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि चंद्रवंशी समाज का इतिहास पांच हजार वर्षों से अधिक पुराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से समाज को मजबूत बनाना आवश्यक है। कार्यक्रम में कई अन्य नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार रखे। चंद्रवंशी एकता मंच के अध्यक्ष जयप्रकाश चंद्रवंशी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला परिषद सदस्य कुंदन कुमार, आनंद कुमार चंद्रवंशी, पूर्व प्रमुख जितेश कुमार, वार्ड पार्षद शर्मिला कुमारी, मुखिया अशोक कुमार, रामजी प्रसाद सहित दर्जनों गणमान्य लोग शामिल हुए। यह आयोजन न केवल चंद्रवंशी समाज के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने का प्रयास था, बल्कि समाज को संगठित और जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। नेताओं और वक्ताओं ने समाज के लोगों को एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया।