एस एस कालेज में तीन दिवसीय सेमिनार का हुआ उद्घाटन

जहानाबाद
एस. एस. कॉलेज, जहानाबाद में आइक्यूएसी एवं आई.वी.टी.टी.आर.आई, धनबाद के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय बहुउद्देशीय अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। सेमिनार का मुख्य विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की वर्तमान शोध विश्लेषण और परिकल्पना में आवश्यकता और उसके प्रभाव पर केंद्रित है। हाइब्रिड मोड में हो रहे इस शैक्षणिक व शोध महत्व के सेमिनार में विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। आई.आई.टी. पटना के निदेशक प्रो० टी.एन. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जटिल प्रकृति को देखते हुए इसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के संबंध में विस्तृत अध्ययन किए जाने की जरूरत है। पटना विश्वविद्यालय के प्रो० एस.बी. राय ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। एन.आई.टी. पटना के डॉ० अभिषेक सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग इस तरह किया जाना चाहिए कि यह नैतिकता और मानव श्रम के लिए चुनौती न बने। इसके लिए उन्होंने एस.ओ.पी बनाए जाने का सुझाव दिया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो० ( डॉ०) कृष्णानंद ने कहा कि हमारे लिए मानवीय जीवन के उन क्षेत्रों की पहचान करना ज्यादा जरूरी है, जहां इसका इस्तेमाल ज्यादा मुफीद हो सकता है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी मानवता और पूरे वैश्विक समुदाय के लिए वरदान साबित होगा और नई बौद्धिक क्रांति का वाहक बनेगा। इसके पूर्व प्राचार्य ने आगत अतिथि वक्ताओं का स्वागत शाल और पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। इस अवसर पर टाउकान रिसर्च बंगलुरु के निदेशक डॉ० के.के.मिश्रा के सौजन्य से तीन शोधकर्ताओं को सावित्रीबाई फुले एक्सलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की स्मारिका और पत्रिका का विमोचन भी हुआ।अपने विचार रखने वालों में प्रो० प्रवीण दीपक , डॉ० के.के. पांडे आदि शामिल रहे। शोधार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति के बीच हुए उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ० स्नेहा स्वरुप ने किया, वहीं धन्यवाद ज्ञापन सेमिनार के संयोजक डॉ० विनोद कुमार रॉय ने किया।