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बाल वैज्ञानिकों ने किया बाणावर गुफ़ाओं का परिभ्रमण

डॉल्फिन मैन ऑफ इंडिया पद्मश्री डॉ
रविंद्र कुमार सिन्हा ने बाल वैज्ञानिकों को दिये मंत्र

जहानाबाद, 22 दिसंबर – राज्यस्तरीय बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम के तीसरे दिन राज्य भर के बाल वैज्ञानिकों और शिक्षकों ने ऐतिहासिक बाणावर क्षेत्र में नागार्जुन पहाड़ी और बराबर पहाड़ी स्थित गुफाओं का भ्रमण किया।

इस परिभ्रमण का उद्देश्य बच्चों को बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित कराना था। बच्चों को नागार्जुन और बराबर की गुफाओं के ऐतिहासिक महत्व, निर्माण शैली के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने इन स्थलों का बारीकी से अवलोकन किया और वहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।
दोपहर को आयोजित विशेष सत्र में मेजर जनरल विकास भारद्वाज (विशिष्ट सेवा मेडल), जीओसी बिहार-झारखंड, चेयरमैन शंकर कुमार, ओम नारायण, नीलू देवी, और प्राचार्य अपर्णा सिंह ने शिरकत की। सत्र में मेजर जनरल विकास भारद्वाज ने छात्रों को नेतृत्व और देश सेवा के महत्व पर प्रेरणादायक संबोधन दिया। अन्य अतिथियों ने विज्ञान और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया। यह सत्र विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा। शाम को कुर्मा संस्कृति स्कूल के सभागार में मीट द साइंटिस्ट समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉल्फिन मैन ऑफ इंडिया पद्मश्री प्रो. डॉ. रविंद्र कुमार सिन्हा डॉ. रविंद्र कुमार सिन्हा ने कहा बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। बाल वैज्ञानिकों ने जो परियोजनाएं प्रस्तुत की हैं, वे उनके अंदर की रचनात्मकता और अनुसंधान क्षमता का प्रतीक हैं। समापन समारोह में अपने संबोधन के दौरान रास बिहारी प्रसाद सिंह, पूर्व कुलपति, नालंदा विश्वविद्यालय और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने कहा विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन का अभिन्न हिस्सा है। बाल वैज्ञानिकों के प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि आज का युवा नई सोच और रचनात्मकता के साथ विज्ञान को समाज की समस्याओं का समाधान बनाने में सक्षम है। राकेश कुमार (अध्यक्ष, नैनो टेक्नोलॉजी, आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी), डॉ. अरुण कुमार (अध्यक्ष, साइंस फॉर सोसाइटी) और स्टेट कोर्डिनेटर डॉ० सी० एस० झा ने संबोधित किया। कार्यक्रम के सभी जिलों से आए बाल वैज्ञानिकों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। इस अवसर पर कार्यक्रम की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।

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