आचार्य किशोर कुणाल के निधन पर शोकसभा का आयोजन


जहानाबाद
आज रेडक्रॉस भवन, पश्चिमी गांधी मैदान, जहानाबाद के सभाकक्ष में संध्या 4 बजे आचार्य किशोर कुणाल,पूर्व आईपीएस, और शांति निकेतन,हिन्दी विभाग के पूर्व प्रधानाध्यापक सियाराम तिवारी के निधन को लेकर शोक सभा का आयोजन किया गया।शोक सभा में मौजूद शहर के गणमान्य लोगों ने आचार्य किशोर कुणाल को एक कुशल पुलिस पदाधिकारी के रूप से ज्यादा एक बेहतरीन संवेदनशील इंसान के बतौर याद किया।स्मृति शेष आचार्य किशोर कुणाल को याद करते हुए कहा कि उनके असमय निधन से न केवल बिहार प्रदेश को क्षति हुई, बल्कि राष्ट्र ने अपना एक विभूति खो दिया।भारतीय धर्म संस्कृति के संवर्द्धक के रूप में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।अपूरणीय क्षति जैसे शब्द ऐसे ही लोकान्तरित काया के लिए समीचीन लगता है।साथ ही मौजूद लोगों ने प्रो.सियाराम तिवारी को याद करते हुए कहा कि हिन्दी भवन और भाषा भवन,शान्ति निकेतन,के पूर्व विभागाध्यक्ष के रूप में उन्होंने स्मरणीय योगदान दिया है।दर्जनों पुस्तकों के रचयिता स्मृति शेष सियाराम तिवारी जी अपने वैदुष्य के लिए शिक्षकों और साहित्यिक जमात में हमेशा याद किये जाएंगे।
शोक के क्षण में श्रद्धा के दो शब्द कहने वाले लोगों में रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डाॅ.सत्येंद्र कुमार, सचिव राजकिशोर प्रसाद, प्रबंध समिति सदस्य रणजीत रंजन, निरंजन केशव प्रिंस,रजनीश कुमार विक्कु,दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र सत्यप्रकाश, प्रो.उमाशंकर सिंह सुमन, प्रो.रविशंकर, डीएवी के शिक्षक अनिल जी,चितरंजन जी समेत अन्य सुधी जनों ने दोनों महान रचनात्मक आत्माओं को भावुक अंदाज में याद किया।