रौशन हत्याकांड में आरोपित चाचा समेत तीनो चचेरे भाई को आजीवन कारावास !


जहानाबाद व्यवहार न्यायालय ! अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जावेद अहमद खान की अदालत ने सगा भतीजा रौशन हत्याकांड में शामिल चाचा श्रवण साव समेत तीनो चचेरे भाई विकास कुमार,लड्डू कुमार एवं राज किशोर कुमार को हत्या के मामले दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चारों अभियुक्त डोहिया ग्राम परसबिगहा थाना क्षेत्र का निवासी हैं ! मामले में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक बिंदुभूषण प्रसाद ने बताया कि, इस केस के सूचक सरजून साव ने अपने फर्द बयान में बताया था कि बीते 14 जून 2021 को संध्या 7 बजे वह अपने पुत्र रौशन कुमार के साथ घर पर खाना खा रहा था, उसी क्रम में सूचक का बड़ा भाई श्रवण साव अपने तीनो बेटों के साथ दरवाजे पर आकर हल्ला करने लगा तथा गाली गलौज करने लगा, इसी दौरान श्रवण साव ने सरजून साव से कहा कि तुम लोग मेरे जमीन पर पिलर बना दिए हो हम उसे कबाड़ देंगे इतने में ही सरजून साव का लड़का रौशन कुमार ने कहा कि आप लोग अभी शराब के नशे में है कल सुबह इस बारे में बात करते हैं, इतने में ही श्रवण साव आगबबूला हो गया और अपने तीनों बेटों के साथ मिलकर अपने सगे भतीजे रौशन के सर पर खंती से हमला कर दिया, जिससे रौशन कुमार लहूलूहान होकर जमीन पर बेहोशी हालत में गिर गया था ! और मौके से सभी अभियुक्त फरार हो गए। रौशन कुमार को सदर अस्पताल लाया गया जहां उसे बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया । इलाज के क्रम में रौशन कुमार की मृत्यु हो गई थी ! मृतक के पिता ने परसबिगहा थाने में अपने आगे भाई एवं तीन भतीजा को नामजद अभियुक्त करते हुए पारस बिगहा थाना में प्राथमिकी संख्या 99/21 दर्ज कराया था ! अपर लोक अभियोजक द्वारा कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय के द्वारा हत्याकांड मामले में सुनवाई करते हुए अभियोजन के केश को सही पाते हुए अभियुक्तों को भारतीय दंड विधि की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, एवं सभी को पांच पांच हजार रुपया अर्थ दंड लगाया, अर्थ दंड की रकम नहीं देने पर तीन माह के अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।