फर्जी साइबर अरेस्टिंग से बचाव* * * *दिल्लू सिंह


साइबर धोखाधड़ी के रोज एक से एक मामले सामने आ रहे हैं। आजकल डिजिटल अरेस्टिंग के माध्यम से लोग ठगे जा रहे हैं।
ऐसी धोखाधड़ी करने वाले
पुलिस या अन्य अधिकारी एजेंसियों की वेबसाइट्स की तरह फर्जी वेबसाइट बना कर या पुलिस या अन्य अधिकारी एजेंसियों के नाम से फर्जी ई-मेल भी भेज सकते हैं अथवा पुलिस
या अन्य अधिकारी एजेंसियों के नाम पर फोन कर सकते हैं। ऐसे
धोखाधड़ी करने वाले शातिर लोग फर्जी डिजिटल वारंट बना सकते हैं जो पुलिस या अन्य अधिकारी एजेंसियों द्वारा जारी किए गए लगते हैं।इतना ही नहीं धोखाधड़ी करने वाले फर्जी पुलिस अधिकारी बन कर भी लोगों को धोखा दे सकते हैं। सामान्य आदमी तो दूर, शिक्षित व्यक्ति भी इनका शिकार बन रहे हैं।
इस स्थिति में सावधानी ही बचाव का सर्वोत्तम तरीका है।संदिग्ध ईमेल या फोन कॉल मिलने पर पुलिस या अन्य अधिकारी एजेंसियों की वेबसाइट्स पर जानकारी की जांच करनी चाहिए।कोई संदिग्ध ईमेल या फोन कॉल मिलता है तो पुलिस या अन्य अधिकारी एजेंसियों के नंबर पर संपर्क कर इस बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।किसी भी अनजान व्यक्ति को व्यक्तिगत जानकारी खासकर यदि वह पुलिस या अन्य अधिकारी एजेंसियों के नाम पर संपर्क कर रहा हो तो नहीं देनी चाहिए।भूल कर भी वैसे अनजान व्यक्ति को पैसे नहीं देना चाहिए यदि वह पुलिस या अन्य अधिकारी एजेंसियों के नाम पर संपर्क कर रहा हो।
भेलाई रोड, विष्णु नगर,आरा