निराला ‘काव्य रत्न’ सम्मान श्री दिलीप कुमार अग्रवाल को “कविता लेखन प्रतियोगिता” में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए निराला “काव्य रत्न” सम्मान से किया गया सम्मानित।


पटना, बिहार के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि एवं पूर्व बिहार प्रशासनिक सेवा अधिकारी श्री ‘अग्रवाल’ को राजकुमार जायसवाल “विचारक्रांति” के नेतृत्व में नमो फाउंडेशन सिंगरौली द्वारा हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” के समृति में राष्ट्रीय स्तर पर “आदर्श युवा की पहचान” / “समाज में मेरा योगदान” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए निराला “काव्य रत्न” सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस प्रतियोगिता में देश भर से हजारों प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 70 श्रेष्ठ कविताओं के चयन के आधार पर साहित्यकारों को निराला “काव्य रत्न” सम्मान के लिए चयन करते हुए हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले श्री दिलीप कुमार अग्रवाल को “कविता लेखन प्रतियोगिता” के माध्यम से सम्मानित किया गया है
श्री अग्रवाल को साहित्यिक उपलब्धियों के आधार पर भी सम्मान के लिए चयनित किया गया है जिन्होंने अब तक एक दर्जन से अधिक पुस्तकों का लेखन कार्य सम्पन्न किया है तथा पैंसठ से अधिक कविताओं अथवा रचनाओं का सृजन भी इनके नाम पर है । श्री अग्रवाल की साहित्यिक रचनाओं में आदर्श विचारों के साथ साथ समाज के निचले तबके के प्रति संवेदना भी दृष्टिगोचर होती है । इनकी रचनाएं राष्ट्रप्रेम व अच्छे समाज के निर्माण के लिए समर्पित रहती हैं।
“कविता लेखन प्रतियोगिता” के संयोजक श्री “विचारक्रांति” ने बताया है कि – “श्री अग्रवाल की कविता में शब्दों का जादू, जीवन का अद्भुत अनुभव, समाज में परिवर्तन करने वाला कारक व सभी के लिए एक प्रेरक संदेश होता है, जो पाठकों को कुछ नया सोचने पर मजबूर करते हुए उन्हे एक नई दिशा प्रदान करने वाला भी होता है” । श्री अग्रवाल का चयन इसके पूर्व ‘हिंदी काव्य रत्न सम्मान’, ‘रामधारी सिंह दिनकर साहित्य सेवा सम्मान’, ‘भारत माता सम्मान’, ‘यूनिवर्सल स्टार अवॉर्ड’, ‘उत्कृष्ट काव्य पाठ सम्मान’ एवं ‘संस्कृति ज्ञान परीक्षा उत्कृष्टता सम्मानं’ ’के लिए भी हुआ है ।
इस प्रतियोगिता में नवोदित साहियकारों के साथ साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ व अंतर्राष्ट्रीय पहचान वाले साहित्यकार भी जुड़े थे जो नमो फाउंडेशन व आयोजक के लिए भी बहुत गर्व की बात है । श्री अग्रवाल के चयनित होने पर नमो फाउंडेशन सिंगरौली के जिला मंत्री व प्रतियोगिता संयोजक राजकुमार जायसवाल “विचारक्रांति” ने हार्दिक बधाई देते हुए इनके उज्जवल साहित्यिक भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है ।
आदर्श युवा की पहचान
• युवावस्था, मानवमन, जीवन की, एक, सर्वश्रेष्ठ अवस्था है।
कर्मयोग हेतु, प्रकृति की, यह तो अनुपम, एक व्यवस्था है।
• अनुशासन, दिवास्वप्न, शक्ति संचय, सभी के, योग्य है यह।
शारीरिक श्रेष्ठता, नवाचारी, प्रयोग, दोनों का, संयोग भी यह।
• मानसिक शक्ति, और उत्थान का भी, एक सौभाग्य, बनता है।
समाज की रीढ़, राष्ट्र की शक्ति, चुनावों में, देश की जनता है।
• काया निरोग, परिवार का सुयोग, भविष्य का, एक सपना होता है।
तरुणाई की शक्ति, आत्म विश्वास, सफलता, सब अपना होता है।
• पथरीला पथ, रपटीला रथ, धूप में लथपथ, लक्ष्य पर अडिग दृष्टि।
अनैतिकता से दूर, अनीति क्रूर, संयम का गुर, पर संतोषी प्रकृति ।
• पुरुष हो, पत्नी को धर्मपत्नी माने, घर को माने स्वर्ग, वह आदर्श।
देवी सा सम्मान दे, शिशुओं को स्वाभिमान दे, वह तो है प्रतिदर्श।
• मां – पत्नी के मध्य, यदि सामंजस्य, बिठाए उसे, परिपक्व मानो।
चारित्रिक, दुर्बलता दिखाए, फिसलता भी पाँव, उसे अनुरक्त जानो।
• यदि नारी हो, तो विश्वास करौ, पति पर, मानों अपना युग पुरुष।
परंपरा का मान करौ, सबका सम्मान करौ, नहीं बनौ कभी कलुष।
• जिसमें शारदा की शक्ति हो, मीरा की भक्ति हो, वह सावित्री महान।
कर्तव्य का राही, विवेका सा ग्राही, आकाश की उड़ान,वे होते बलवान।
• नाज है जिसपर, बाप माँ का, सस्नेह रखता साथ, प्रधान है वह ।
हृदय से स्नेह, सबसे करता, प्रकृति-प्रेम भी करता, महान है वह ।
• जो थकता नहीं, निज काम से, धैर्य की मूर्ति बना, अभी जवान है।
जो गलती न माने, दुबारा, चौबारा करै गलती, वह पूरा हैवान है।
• शाकाहारी जो है, हिंसा से दूर, सत्य का सानिध्य, वह उत्तम जगमें।
मधुर वचन, सत्संगति, सहनशक्ति, विवेकवान, वह सर्वोत्तम सबमें।
• तर्क से विवेचना, बुद्धि से सोंचना, अल्पभाषी, वह ज्ञानी समतुल्य।
बदनामी से जो डरता हो, सरलता से जो रहता हो, वह है ईशतुल्य।
• छल कपट युक्त, अपराध में संयुक्त, मन चंचल, वह फर्श पर है।
जिसमें दया भरपूर करूणा सम्पूर्ण, धर्म जानता, वह आदर्श पर है।
प्रस्तुति – दिलीप कुमार अग्रवाल