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शांति निकेतन एकेडमी के सभी शाखाओं में दिपावली मनाई गई बच्ची द्वारा

गया ।शांति निकेतन एकेडमी की सभी शाखाओं में दीपावली का भव्य उत्सव एवं लोक आस्था का महापर्व छठ बड़े धूमधाम से मनाया गया है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने दीयों, रंगोली और विशेष झांकियों के माध्यम से विद्यालय परिसर को सुसज्जित किया है। दीयों की रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से विद्यालय एक उत्सवमय वातावरण में डूबा रहा है।
प्लेग्रुप के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में मोमबत्तियां बनाई, जबकि नर्सरी के बच्चों ने मिट्टी के दीये तैयार किए हैं। जूनियर केजी के विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगी क्ले का इस्तेमाल कर सुंदर दीये बनाए, और सीनियर केजी के बच्चों ने आकर्षक लैंप तैयार किए हैं। कक्षा एक से चार तक के बच्चों के बीच दीपावली पर लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। कक्षा पांच से दस तक के विद्यार्थियों के लिए रंगोली प्रतियोगिता हुई है ।जिसमें बच्चों ने अपने कलात्मक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया है।
इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों ने छठ महापर्व की भी विशेष झांकी प्रस्तुत की है। कक्षा एक से तेजश्री, पारी, गीतेश, कक्षा दो से शिवांश गर्ग, संवी यादव,नव्या सिंह, नितेश कुमार सिन्हा, अर्जित कुमार, कक्षा तीन से दिरिस्या और कक्षा चार से एलेन सारा ने छठ पूजा की परंपराओं का जीवंत चित्रण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देने और छठ माता की पूजा का दृश्य प्रस्तुत किया है। दीपावली से संबंधित झांकी में कक्षा पांच की गोल्डन कुमारी, जिज्ञासा शर्मा, कक्षा छह के पालवी कुमारी, जानवी कुमारी, आरोही कुमारी, कक्षा सात के पायल कुमारी, अंशिका पांडेय और कक्षा आठ के वैश्णवी कुमारी, अनुष्का चंद्रा ने भाग लिया और उन्होंने दीपावली की महत्ता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया है। उनकी प्रस्तुतियों ने सभी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं का गौरव महसूस कराया है।विद्यालय की शिक्षिकाओं ने बच्चों को दीपावली और छठ महापर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत करवाया है। शिक्षकों ने बच्चों को इन पर्वों के माध्यम से एकता, प्रेम और संयम का संदेश समझाया है। इस अवसर पर चेयरमैन  हरि प्रपन्न, ने सभी को दीपावली और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं है। उन्होंने बच्चों से पर्यावरण-संरक्षण के लिए पटाखों से दूर रहने का अनुरोध किया और कहा कि दीपावली के अवसर पर गरीबों की मदद कर इस पर्व को और भी सार्थक बनाया जा सकता है। जिससे  सभी बच्चे दीपावली की खुशियों में शामिल हो सकें।
अंत में, निदेशक  हरि प्रपन्ना उर्फ पप्पू जी ने इस आयोजन में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हमारे जीवन में एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार होता है।

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