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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा जिला कार्यान्वयन समिति ने आज की बैठक में किया 2624 आवेदनो की राज्य को लाभ देने की अनुशंसा

जहानाबाद

जिला पदाधिकारी ,श्रीमती अलंकृता पांडे के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त श्री धनंजय कुमार के अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की बैठक आयोजित की गई।    
        ” पीएम विश्वकर्मा योजना” का उद्देश्य अपने हाथों और औजारों की मदद से काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को शुरू से अंत तक सहायता प्रदान करना है। इस योजना में 18 व्यवसायों,जैसे बढ़ई, नव निर्माता ,हथियार निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले,  मूर्तिकार, मोची कारीगर, राजमिस्त्री ,टोकरी चटाई झाड़ू निर्माता , कोयर बुनकर, गुड़िया और खिलौना निर्माता( पारंपरिक), नाई ,माला बनाने वाले, धोबी ,दर्जी और मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले कारीगर और शिल्पकारों को शामिल किया गया है।
             महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र के द्वारा बैठक में अवगत कराया गया कि अब तक प्राप्त 30835 आवेदनों में से कुल 14594 शिल्पकारो/ कारीगरों का आवेदन ग्राम पंचायत /यूएलबी से सत्यापन के पश्चात जिला कार्यालय समिति को अग्रसारित किया गया है। जिला कार्यान्वयन समिति द्वारा आवेदनो पर, विचार करते हुए अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है। इसके पश्चात इन आवेदनों को राज्य स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष स्वीकृति हेतु भेजने की कार्यवाही की जा रही है। उद्योग विभाग द्वारा संचालित इस योजना को विगत वर्ष 17 सितंबर के दिन लॉन्च किया गया था। विगत 2 सप्ताह में ग्राम पंचायत एवं ULB स्तर पर जांची गई 2624 आवेदनों पर जिला कार्यान्वयन समिति के द्वारा जांचोपरांतअनुमोदन प्रदान किया गया एवं,राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी को स्वीकृति के लिए भेजी  जा रही है ।अब तक जिला के  609 लोगो को राज्य स्तर पर स्टेज 3 की स्वीकृति के पश्चात लाभ मिल रहा है।     
   इस योजना के तहत मिलने वाले लाभों की बात करें तो,
1) कौशल उन्नयन के तहत ₹500 प्रतिदिन के वजीफे के साथ-साथ 5 से 7 दोनों का बुनियादी प्रशिक्षण और 15 दोनों या उससे अधिक का उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
2) टूलकीट प्रोत्साहन बुनियादी कौशल प्रशिक्षण की शुरुआत में ई -वाउचर के रूप में ₹15000 तक का टूल किट प्रोत्साहन दिया जाता है।
3) रियायती दर पर ऋण की व्यवस्था की गई है, जिसमें बिना कुछ गिरवी रखें ,उद्यम विकास ऋण के रूप में ₹300000 तक का ऋण, एक लाख और दो लाख रुपए के दो किस्तों में क्रमशः 18 महीने और 30 महीना की अवधि के लिए 5% निर्धारित रियायती ब्याज पर भारत सरकार द्वारा 8% की सीमा तक छूट के साथ प्रदान किया जाता है।
4) डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन के रूप में प्रत्येक डिजिटल भुगतान या रसीद के लिए प्रति डिजिटल लेनदेन ₹1 की राशि के हिसाब से अधिकतम 100 लेनदेन मासिक तक लाभार्थी के खाते में जमा किया जाएगा।
5) विपणन सहायता के लिए मूल्य श्रृंखला से जुड़ाव में सुधार के लिए कारीगरों और शिल्पकारों को गुणवत्ता प्रमाणन,ब्रांडिंग ,GeM जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर मौजूदगी, विज्ञापन ,प्रचार एवं अन्य विपणन गतिविधियों के रूप में विपणन सहायता प्रदान की जाएगी।

         आप भी आवेदन कर सकते हैं:
लाभार्थियों का नामांकन पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ सामान्य सेवा केंद्र के माध्यम से किया जाता है ।लाभार्थियों के नामांकन के बाद तीन चरणों में सत्यापन किया जाएगा जिसमें ग्राम पंचायत/यूएलबी स्तर पर सत्यापन ,जिला कार्यान्वन समिति द्वारा जांच एवं सिफारिश, स्क्रीनिंग समिति द्वारा अनुमोदन शामिल है।

वांछित दस्तावेज क्या होंगे:
1) परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड ( जिनका नाम राशन कार्ड में उपलब्ध है)
2) फोन नंबर (आधार कार्ड से जुड़ा हुआ )
3) बैंक पासबुक
            जिला उद्योग कार्यालय द्वारा केंद्र सरकार की इस अति महत्वपूर्ण” पीएम विश्वकर्मा योजना “में जिला के अधिक से अधिक कारीगरों शिल्पकारों को आच्छादित करने एवं सहायता प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है आप सभी से अनुरोध है कि जो भी इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करना चाहते हैं वह पीएम विश्वकर्मा पोर्टल/CSC के माध्यम से अपना नामांकन आवेदन अवश्य करें।
           अधिक जानकारी के लिए https://pmvishwakarma.gov.in पर जाकर, दिशा निर्देश एवं विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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