मखदुमपुर गांधी मैदान में आयोजित राष्ट्रीय प्रयास नाट्य मेला के दूसरे दिन दशरथ मांझी नामक नाटक का हुआ मंचन


मखदुमपुर (जहानाबाद)। मंगलवार की शाम मखदुमपुर गांधी मैदान में आयोजित राष्ट्रीय प्रयास नाट्य मेला के दूसरे दिन लेखक एवम निर्देशक मिथलेश सिंह द्वारा रचित दशरथ मांझी नामक नाटक का मंचन हुआ। नाटक में दशरथ मांझी के जीवन एवं उसकी पत्नी के जीवनी पर प्रकाश डाला गया । श्री मांझी पत्नी के प्यास बुझाने के लिए पानी लाने पर चोर की तरह पिटाई ,जमींदार के जमीन को कार्य करने पर मजदूरी एक घड़ा पानी लेने , फगुनिया के पहाड़ी पर पानी का घड़ा फुट जाना एवं उसका प्यासा रह जाना का चित्रण किया गया । वही पत्नी को प्यासा रह जाने की घटना से दुखी होकर श्री मांझी ने पहाड़ रास्ता बनाने का धुन सवार हुआ और एक दिन पहाड़ को काटकर इतिहास बन गए नाटक में दशरथ मांझी का रोल कर रहे उदय कुमार शंकर एवं फगुनिया का अभिनय कर रहे रजनी शरण में लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया । ज्ञात हो माउंटेन मैन दशरथ मांझी गया जिले के गलहोर में पहाड़ को काटकर रास्ता का निर्माण किया था ।नाटक के निर्देशक मिथिलेश सिंह ने बताया नाटक पूरे देश मे आयोजित किया था। लेकिन मेरा और आप सभी के इच्छा से गांधी मैदान में आयोजित कराया हु। उन्होंने उपस्थित जन समूह के समझ अपने मिट्टी को नमन किया। इसके पूर्व मंच का दूसरे दिन उद्घाटन मखदुमपुर वीडियो मृत्युंजय कुमार अंचलाधिकारी रंजीत कुमार उपाध्याय वार्ड पार्षद संघ के अध्यक्ष रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा बाजार के व्यवसायी विवेक कुमार समेत आगत अतिथियों ने किया । आगत अतिथियों के सम्मान में नाट्य मंडली के द्वारा पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वही गया से आए संजीत बैक्टीरिया द्वारा चक चंदा गीत की प्रस्तुति की गई वही मसौढी से आए धर्मेंद्र कुमार के द्वारा मगही लोके गीत प्रस्तुति किया गया कार्यक्रम में गया से ही आए निखिल ग्रुप के द्वारा जट _जतियन नृत्य का प्रस्तुति किया गया ।कार्यक्रम में मुंगेर से आये लोहा सिंह का एकल अभिनय प्रस्तुत भी किया गया। मंच का संचालन दीपक कुमार ने किया। मौके पर कार्यक्रम देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।